मेरठ: कृषि बिल के विरोध में समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन का पैदल मार्च

Smart News Team, Last updated: Thu, 24th Sep 2020, 3:37 PM IST
सपा छात्रों ने कमिश्नरी से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालकर ज्ञापन दिया. प्रदीप कसाना ने कहा कि जो कृषि विधेयक बिल केंद्र सरकार ने पारित किया है इसके भविष्य में किसानों की आर्थिक स्थिति काफी खराब होने वाली है. इसलिए सरकार जल्द से जल्द इन  किसान विरोधी बिल को वापिस ले.
प्रदर्शन करते समाजवादी पार्टी का छात्र संगठन के छात्र

मेरठ. केंद्र सरकार द्वारा पारित किए तीन कृषि विधेयकों का विरोध पूरे देश में तेज हो रहा है. गुरुवार को सपा छात्रों ने भी इसके विरोध में पैदल मार्च निकाला. इसी दौरान सपा छात्रों ने कमिश्नरी से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालकर ज्ञापन दिया. सरकार से अपील करते हुए कहा कि ये विधेयक किसान विरोध हैं और सरकार इन्हें वापिल ले. इन बिलों के विरोध में किसानों के साथ-साथ छात्र भी आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं. साथ ही छात्रों ने विधेयकों की प्रतियां भी जलाई. 

गुरुवार दोपहर में सपा नेता प्रदीप कसाना के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने कमिश्नरी चौराहे से लेकर डीएम दफ्तर तक पैदल मार्च निकाला. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र प्रदीप कसाना ने कहा कि जो कृषि विधेयक बिल केंद्र सरकार ने पारित किया है. वह पूरी तरह से किसान विरोधी है इसलिए हम इनका विरोध करते हैं. बिल को जारी हो जाने के बाद भविष्य में किसानों की आर्थिक स्थिति काफी खराब होने वाली है.  यह बिलों से किसान को किसी तरह का फायदा नहीं होगा बल्कि व्यापारी-पूंजीपतियों को लाभ मिलेगा. इस बिल की शर्तें किसान के नहीं बल्कि पूंजीपति के हित के लिए होंगी. जिसके कारण किसान आत्महत्या करने मजबूर होगा.

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सभी छात्रों ने मिलकर इस बिल का विरोध किया और केंद्र सरकार को चेताते हुए कहा कि सरकार जल्द से जल्द इन  किसान विरोधी बिल को वापिस ले . छात्रों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि किसानों इस मुद्दे पर अकेले नहीं है छात्र भी आंदोलन करने के लिए तैयार हैं. इस पैदल मार्च में नकुल स्याल, प्रशांत कसाना, शुभम भड़ाना,  आलम गगोल, साकिब चौधरी, प्रभात शुक्ला भी शामिल रहे.

 

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