बर्ड फ्लू को लेकर हस्तिनापुर सेंचुरी में अलर्ट, निगरानी के निर्देश

Smart News Team, Last updated: Wed, 6th Jan 2021, 10:30 AM IST
  • मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल व हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू से पक्षियों की अप्राकृतिक मौत हो रही है। इस वजह से ही वन विभाग ने सतर्कता दिखाते हुए हस्तिनापुर सेंचुरी में अलर्ट घोषित किया है। हालांकि अब जिले में एक भी बर्ड फ्लू का केस सामने नहीं आया है।
फाइल फोटो

मेरठ : तेजी से फैल रहे बर्ड फ्लू को देखते हुए वन विभाग ने हस्तिनापुर सेंचुरी में अलर्ट घोषित कर दिया है और वन कर्मियों को लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। मांस और अंडे के सेवन से बचने को कहा जा रहा है। हालांकि अब तक जिले में किसी भी पक्षी में बर्ड फ्लू जैसे लक्षण नही दिखाई दिए हैं। लेकिन वन विभाग ने सतर्कता दिखाते हुए अलर्ट किया है। बर्ड फ्लू का सबसे ज्यादा असर केरल में दिख रहा है। वहां तो सरकार ने इसे आपदा घोषित कर दिया है।

 प्रत्येक वर्ष गंगा नदी की दलदली झीलों में नवंबर से लेकर मार्च तक प्रवासी पक्षियों का बसेरा रहता है। वहीं, अप्रवासी पक्षी भी मुख्यत: दिखाई देते रहते हैं। उन्हे देखने के लिए पर्यटक भी पहुंचते हैं। सेंचुरी क्षेत्र में इन पक्षियों की निगरानी के लिए विभाग सतर्क रहता है। बीते कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल व हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू से पक्षियों की अप्राकृतिक मौत हो रही है। वहीं हिमाचल प्रदेश की पौंगडेम बर्ड सेंचुरी में भी प्रवासी पक्षियों के मरने की खबर आ रही है। केरल में बत्तखों की मौत बताई जा रही है।

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इन तमाम परिस्थितियों को देखते हुए वन विभाग द्वारा सेंचुरी क्षेत्र में अलर्ट घोषित किया गया है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शाहनवाज खान ने बताया कि बर्ड फ्लू एच 5 एन1 नामक वायरस द्वारा फैलता है। जो कि मुख्यत पक्षियों में होती है और पक्षी के संपर्क में आने पर मनुष्यों में भी होने का खतरा रहता है। एएमयू के वन्य जीव विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो अफीफुल्ला खान का कहना है कि हस्तिनापुर सेंचुरी क्षेत्र में भारी संख्या में प्रवासी व अप्रवासी पक्षी देखे जाते है। बर्ड फ्लू बड़ी समस्या है जो पक्षियों में तेजी से फैलती है। वन संरक्षक गंगा प्रसाद सिंह ने बताया कि वन कर्मियों को अलर्ट किया गया है। हालांकि, अभी जिले में कहीं भी किसी भी पक्षी में इन तरह के लक्षण नहीं पाए गए है।

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