समाजसेवी ने सूरजकुंड श्मशान में एक साल से रखी 7 लोगों की अस्थियों गंगा की प्रवाहित

Smart News Team, Last updated: Wed, 5th May 2021, 2:01 PM IST
  • मेरठ के सूरजकुंड श्मशान में एक साल से रखी हुई अस्थियों को समाजसेवी दुष्यंत रोहटा ने गंगा में प्रवाहित किया. वही अभी तक इनके परिवार ने वहां से 20 लोगों की अस्थिया ले जा चूका है.
समाजसेवी ने सूरजकुंड श्मशान में एक साल से रखी 7 लोगों की अस्थियों गंगा की प्रवाहित

मेरठ. मेरठ के सूरजकुंड श्मशान घाट पर पिछले एक साल से रखे गए अस्थियों को आखिरकार गंगा में प्रवाहित कर ही दिया गया. इन अस्थियों को गंगा में विषर्जन समाजसेवी दुष्यंत रोहटा ने पूरे विधि विधान के साथ गंगा में प्रवाहित किया. इस दौरान उन्होंने पूजा पाठ भी कराया. साथ ही उन आत्माओं के मोक्ष मिलने की प्रार्थना भी किया. वही अभी तक सूरजकुंड श्मशान घाट से उनका परिवार करीब 20 से भी ज्यादा अस्थियां ले न चुके है. 

दरअसल हिंदुस्तान की टिम ने सूरजकुंड श्मशान घाट पर 50 बेनाम अस्थियों के होने की खबर प्रकाशित की थी. जिसमे से सात लोगों की अस्थियां वहां पर पिछले एक साल से मोक्ष के इंतेजार में पड़ी हुई थी. वही जब इसकी जानकारी दुष्यंत रोहटा को हुई तो वह श्मशान घाट पहुंचे और उन अस्थियों को अपने साथ लेकर गंगा में विषर्जित करने के लिए लेकर चले गए. वही ये अस्थियां उन लोगों की है जिनकी मृत्यु के बाद किसी और ने उन्हें श्मशान घाट पहुंचा दिया या किसी कारण वश उनके परिजन अस्थियों के लेने के लिए नहीं पहुंचे.

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वही जब कोई इन्हें लेने नहीं आया तो श्मशान घाट के कर्मचारियों ने इनकी अस्थियां अलग अलग पैकेट में डालकर एक जगह पर रख दिया. साथ ही कर्मचारी इस इंतेजार में रहे की कोई आएगा और इन्हें लेकर जाएगा. जब इसकी खबर समाजसेवी दुष्यंत रोहटा को हुई तो उन्होंने इन सभी अस्थियों को हिन्दू रीति रिवाज के मुताबिक गंगा में प्रवाहित किया. वही कहा जाता है कि जब तक व्यक्ति की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित नहीं किया जाए तब तक उस व्यक्ति को मोक्ष नहीं मिल पाता है.

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