मेरठ: गन्ना किसानों का धरना खत्म, ब्याज के साथ बकाया भुगतान की शर्त पर माना BKU

Smart News Team, Last updated: 17/08/2020 09:12 PM IST
  • भारतीय किसान यूनियन ने सैंकड़ों किसानों के साथ गन्ना मूल्य बकाया भुगतान की मांग को लेकर चीनी मिलों से संबंधित थानों का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया. हालांकि, शाम में अधिकारियों और चीनी मिलों के साथ बातचीत के बाद धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया गया.
किसाने ने किया थानों का घेराव

मेरठ. भारतीय किसान यूनियन ने वेस्ट यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत समेत कई जिलों के सैंकड़ों किसानों के साथ पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को बकाया भुगतान की मांग को लेकर पुलिस थानों का घेराव किया. इस दौरान किसानों ने प्रदर्शन करते हुए चीनी मिलों के खिलाफ हल्ला बोला. पुलिस ने चीनी मिल प्रबंधन और किसानों के बीच वार्ता कराने की भी कोशिश की. जिसके बाद सोमवार शाम को मेरठ समेत सभी जगह गन्ना किसानों का थानों में चल रहा धरना खत्म हो गया. 

किसानों ने गन्ना बकाया भुगतान में ब्याज की शर्त पर धरना खत्म करने की हामी भारी. धरना स्थल पर ही एसडीएम, चीनी मिल और गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता हुई. वार्ता में बकाया भुगतान के साथ ब्याज दिए जाने पर सहमति बनी जिसके बाद धरना खत्म किया गया.

मालूम हो कि सोमवार को बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने दर्जनों की संख्या में पहुंचकर थानों के बाहर धरना दिया और घेराव का कार्यक्रम चलाया. गन्ना किसानों ने जिन सभी पुलिस थानों का घेराव किया वे सभी चीनी मीलों से संबंधित हैं यानी मिल उन्हीं क्षेत्रों में है.

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प्रदर्शन कर रहे भाकियू के किसानों का आरोप है कि योगी आदित्यनाथ सरकार गन्ना बकाया मूल्य भुगतान के आदेश कर रही है उसके बावजूद उनके पैसे का भुगतान नहीं किया जा रहा है. किसानों का आरोप है कि अधिकारियों और चीनी मिलों के बीच सांठगांठ हो गई है. वे किसानों का पैसा नहीं देना चाहते हैं.

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किसानों ने कहा कि अब इस मामले में लड़ाई आर-पार की होगी. पुलिस या तो चीनी मिल मालिक को गिरफ्तार करें या किसानों का गन्ना भुगतान किया जाए. किसान इस मामले में चुप नहीं रहेंगे. उन्होंने कहा कि जब बिजली बिल मांगा जा सकता है तो चीनी मिलों को भी भुगतान करना होगा.

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