आंदोलन का सभी को अधिकार, लेकिन हिंसा का नहीं कोई स्थान- राजकुमार चाहर

Smart News Team, Last updated: Mon, 16th Aug 2021, 2:56 PM IST
  • भाजपा ने यूपी चुनाव से पहले किसान संवाद कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस अभियान की शुरुआत आज मेरठ से की गई. जिसमें भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर भी शामिल हुए. उन्होंने इस दौरान किसान आंदोलन में हिंसा और भाजपा विधायक पर हमले की निंदा भी की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए जितना काम हुआ है उतना पहले कभी नहीं हुआ.
आंदोलन का सभी को अधिकार, लेकिन हिंसा का नहीं कोई स्थान- राजकुमार चाहर

मेरठ. यूपी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सभी पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. वहीं, भाजपा हर वर्ग को विशेषकर किसानों को साधने के लिए संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया. भाजपा किसान मोर्चा ने मेरठ में किसान संवाद कार्यक्रम की शुरुआत की. कार्यक्रम में भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर भी शामिल हुए. उन्होंने संवाद कार्यक्रम के दौरान किसान आंदोलन को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि आंदोलन करने का सभी को अधिकार है, लेकिन लोकतांत्रित आंदोलन में हिंसा का कोई स्थान नहीं है.

पीएम मोदी के नेतृत्व में सबसे अधिक हुआ किसानों के लिए काम

राजकुमार चाहर ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए जितना काम हुआ है उतना पहले कभी नहीं हुआ. किसान आंदोलन केवल किसानों को बदनाम करने की राजनीति हो रही है. बाबा टिकैत ने किसानों के पवित्र आंदोल को जन्म दिया था. आज की तरह हिंसात्मक आंदोलन की राजनीति कभी नहीं हुई. हम भाजपा विधायक उमेश मलिक पर हुए हमले की भी निंदा करते हैं.

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किसान संवाद के जरिए किसानों को साधने की तैयारी

किसान आंदोलन के कारण पश्चिमी यूपी में मतदाता प्रभावित न हों इसके लिए किसान संवाद के जरिए उनका फीडबैक लिया जा रहा है. क्योंकि विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर किसान आंदोलन को मुद्दा बनाकर निशाना साध रहा है. जिसके चलते भाजपा संवाद कार्यक्रम के चलते विपक्ष पार्टी की इस रणनीति को खत्म रना चाहती है. इस अभियान में किसान मोर्चा के कार्यकर्ता ग्राम स्तर पर जाकर किसान संपर्क, किसान संवाद और किसान संबंध अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों को भाजपा से जोड़ेंगे, ताकि आगामी चुनाव में भाजपा को किसान आंदोलन का असर विधानसभा में न देखने को मिले.

तीन कृषि कानून को  लेकर किसान कर रहे आंदोलन

मोदी सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानून के विरोध और एमएसपी की गारंटी की मांग को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. जो अब आगामी चुनाव में भाजपा की सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं. क्योंकि आंदोलन के चेहरा बन चुके राकेश टिकैत पश्चिमी यूपी से आते हैं और अधिकांश किसान यूपी के आस-पास धरने पर बैठे हैं. वहीं, राकेश टिकैत पहले भी यूपी चुनाव को लेकर लगातार भाजपा के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं.

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