मेरठ: 10 दिन पहले मर चुके कोरोना मरीज को ठीक बताता रहा अस्पताल, जानें मामला

Smart News Team, Last updated: Sun, 9th May 2021, 10:32 AM IST
मेरठ मेडिकल कॉलेज में 21 अप्रैल को भर्ती किए गए. एक कोरोना संक्रमित की मौत 23 अप्रैल को हो गई. जिसकी मौत की सूचना 15 दिन बाद दी गई.अस्पताल के कंट्रोल रूम में रोज परिजन मरीज का हाल-चाल जानने के लिए रोज फोन करते थे तो स्टाफ  कहता मरीज ठीक है कहते थे. 
संक्रमित मरीज की मौत की ख़बर परिजनों को 15 दिन बाद पता चला. (प्रतीकात्मक फोटो)

मेरठ : संतोष कुमार जिनकी उम्र 61 साल थी. संतोष कुमार मूल रूप से बरेली के रहने वाले और एमईएस से रिटायर थे. संतोष कुमार की 21 अप्रैल को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आया. इसलिए गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाली बेटी और दामाद ने उनको बेहतर इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज में 21 अप्रैल सुबह 11 बजे भर्ती कराया. बुजुर्ग संतोष कुमार को गंभीर संक्रमण था. इसलिए उनकी मौत 23 अप्रैल को होगी. मृतक के परिवार ने रोज मरीज का हाल-चाल पूछे जाने पर अस्पताल का कंट्रोल रूम हमेशा मरीज की हालत को ठीक बताता रहा.   शर्मनाक बात तो तब हो गई जब मृतक के परिजन द्वारा अंतिम बार बात करने पर हॉस्पिटल का कंट्रोल स्टाफ मृतक का ऑक्सीजन लेवल भी बताया. 

अस्पताल प्रशासन ने 3 मई के बाद से मरीज का कोई भी हाल-चाल देना बंद कर दिया. घबराए हुए परिजन 7 मई को मेरठ मेडिकल अस्पताल पहुंच कर अपने संक्रमित मरीज को सभी वार्डों में खोजने लगे. मरीज के न मिलने पर बेटी रोते बिलखते हुए सोशल मीडिया पर अपनी पूरी कहानी को बताया और मुख्यमंत्री और लोगों से मदद मांगी. वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. 8 मई को हॉस्पिटल की प्राचार्य ने एक जांच कमेटी को बनाया. मृतक संतोष कुमार के 21 अप्रैल से लेकर 7 मई तक के सभी प्रकार के कागजों को जांचा गया. 

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जिसमें कमेटी ने पाया कि संक्रमित मरीज संतोष कुमार की मौत 23 अप्रैल को हो चुकी थी. जांच कमेटी ने इस पर एक रिपोर्ट बनाकर प्राचार्य को 8 मई शाम 5 बजे सौंप दिया. कमेटी की जांच की रिपोर्ट के आधार पर प्राचार्य ने मृतक संतोष कुमार के दामाद को उनके मौत की खबर फोन पर दी. मृतक के घरवालों को कई अज्ञात शव का तस्वीर दिखा कर उनमें से मृतक की पहचान कराई गई. जिसमें एक तस्वीर मृतक संतोष कुमार की भी थी. जिससे उनकी मौत की पुष्टि हो गई.

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