मेरठ: निगम की कालोनियों के ट्यूबवेल व पानी की टंकी में लाखों का झोलझाल

Smart News Team, Last updated: 09/08/2020 08:00 AM IST
  • मेरठ संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष व पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने कमिश्नर से की गोलमाल की शिकायत. बिना बिजली कनेक्शन के ही प्राइवेट व्यक्ति को 18000 रुपये मासिक प्रति ट्यूबेल देने का आरोप. नगर आयुक्त ने गड़बड़ी होने पर कारवाई करने का दिया आश्वासन
मेरठ नगर निगम 

मेरठ। मेरठ में एमडीए द्वारा नगर निगम को हस्तांतरित कॉलोनियों में लगे ट्यूबवेल व पानी की टंकियों के रखरखाव को लेकर लाखों रुपए के गोलमाल किए जाने का आरोप है.

हस्तांतरण के नाम पर जलकल विभाग द्वारा गोलमाल किए जाने का मामला प्रकाश में आया है. कमिश्नर व नगर आयुक्त से इस संबंध में शिकायत की गई है.

नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.साथ ही पूरे पैसे का भुगतान अभी नहीं हुआ है जिसकी वसूली आसानी से कर ली जाएगी.

संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने कमिश्नर से लिखित शिकायत की है कि 29 जनवरी को एमडीए की आवासीय कॉलोनी श्रद्धापुरी फेज-2, वसंत एनक्लेव, पांडवनगर, गंगानगर, सैनिक विहार, वेदव्यासपुरी, रक्षापुरम, मेजर ध्यानचंद नगर हस्तांतरित किया गया. कालोनियों के साथ ही ट्यूबवेल व पानी टंकी भी हस्तांतरित कर दी गई.

शिकायत पत्र में कहा गया कि अभी इन सभी जगहों पर कोई भी टंकी चालू हालत में नहीं है. ऐसे में बिना बिजली कनेक्शन के पानी की टंकी व ट्यूबवेल के नाम पर बिजली बिल का भुगतान कराया जा रहा है. ट्यूबवेल में बिना बिजली कनेक्शन के ही उसे चलाने के लिए प्राइवेट कर्मचारी की नियुक्ति भी कर दी गई जिसके नाम पर 18000 रुपये मासिक प्रति ट्यूबवेल का भुगतान भी करा लिया गया.

बिना बिजली के कनेक्शन के ही सिर्फ कागजों में ट्यूबेल और पानी की टंकी दोनों ही संचालित हो रही है. इसके अलावा कर्मचारी भी काम कर रहे हैं. हर माह लाखों रुपए का घोटाला हो रहा है. नगर निगम को इसकी परवाह तक नहीं है. वहीं कमिश्नर से शिकायती पत्र में उच्चस्तरीय जांच टीम बनाकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है.

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