दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर किसानों का धरना, टेंट लगा सड़क पर चढ़ा दी कड़ाही

Smart News Team, Last updated: 19/09/2020 08:34 AM IST
  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर एक समान मुआवजे को लेकर किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है. फिलहाल एक्सप्रेस वे को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. लेकिन अब समय से काम पूरा हो पाना मुश्किल हो गया है.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर किसानों का धरना, टेंट लगा सड़क पर चढ़ा दी कड़ाही.

मेरठ. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर एक समान मुआवजे को लेकर किसानों का आंदोलन शुरू हो गया है. किसान अपनी मांगों को लेकर मुरादाबाद, अछरौंडा गांव में धरने पर बैठ गए है. किसानों ने ऐलान कर दिया है कि जब तक एक समान मुआवजे पर कोई फैसला नहीं होगा तब तक एक्सप्रेस वे का काम नहीं करने देंगे. किसान नेता सतीश राठी के अगुवाई में किसान मेरठ के अछरौंडा में निर्माणाधीन टोल पर ही धरने पर बैठ गए हैं. ऐसे में एक्सप्रेस वे का काम समय से पूरा होना मुश्किल गया है.

बता दें कि केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे को पूरा करने की डेडलाइन इस साल के 31 दिसंबर तक रखी है. इसी बीच डासना से मेरठ के बीच 26 गांव के किसान समान मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन करने लगे हैं.

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किसानों की मांगों को लेकर पहले से प्रशासन से बातचीत चल रही थी. इसमें बुधवार को गाजियाबाद में बातचीत विफल रहने पर किसानों ने डासना से मेरठ के बीच काम 10 दिन के लिए बंद करा दिया था. लेकिन शुक्रवार को किसान एक्सप्रेस वे पर ही धरने पर बैठ गए. धरना स्थल पर किसानों के घरों की महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंची और एक्सप्रेस वे पर ही कड़ाही चढ़ाकर खाना बनाने लगी.

सतीश राठी, बबली गुर्जर ने बताया कि अब किसान आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हो गए हैं. उधर, अछरौंडा में भी समान मुआवजे की मांग को लेकर बहादरपुर अंडरपास के नीचे टोल प्लाजा पर एक्सप्रेस वे से प्रभावित अछरौंडा, काशी, परतापुर, सोलाना और भूड़बराल के किसानों ने धरना शुरू कर दिया है.

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इस पूरे मामले में एनएचएआई और निर्माण एजेंसी जीआर इंफ्रा के अधिकारी असमंजस में हैं. अधिकारियों का कहना है कि काम पूरा करने के लिए दिसंबर तक डेडलाइन है. इतने समय में ही काम पूरा करना चुनौती है. अभी दो महीने तेजी से काम होगा क्योंकि नवंबर-दिसंबर में काम ठंड से प्रभावित होता है. 

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