बारिश नहीं झेल सका दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, डासना तक ही 110 जगह धंस गई सड़क

Prachi Tandon, Last updated: Thu, 16th Sep 2021, 10:28 PM IST
  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे 8 हजार से 10 हजार करोड़ की लागत से बनाया गया था. यह एक्सप्रेस-वे बारिश तक नहीं झेल पाया है. मेरठ से डासना के बीच कई जगहों पर सड़क धंस गई है.
दिल्ली-एक्सप्रेस वे पर कई जगह सड़क धंसी.

मेरठ. मॉनसून के पिछले दो महीनों में लगातार बारिश के कारण दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस पर 100 से ज्यादा जगहों पर सड़क धंस गई है. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे बारिश नहीं झेल पाया है और कई जगह सड़क को नुकसान पहुंचा है. मेरठ और डासना के बीच 46 किलोमीटर के ग्रीनफील्ड स्ट्रेच पर दो जगहों पर खड्ढे बन गए हैं. एक्सप्रेस-वे पर मरम्मत का काम चल रहा था लेकिन विपक्षी पार्टियों ने निर्माण कार्य और मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है.

दिल्ली से मेरठ के बीच ट्रैवल के समय को कम करने के लिए इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण 8 हजार से 10 हजार करोड़ की लागत से किया गया था. एक्सप्रेस-वे को चार स्ट्रेच में बांटा जा सकता है. जिसमें दिल्ली के सराय काले खां से यूपी गेट (8.7 किमी), यूपी गेट से डासना गाजियाबाद (19.2 किमी), डासना से हापुड़ (22.2 किमी) और डासना से मेरठ (46 किमी) है. अगस्त और सितंबर में हुई बारिश के कारण डासना से मेरठ के स्ट्रेच को काफी नुकसान पहुंचा है. मेरठ-डासना स्ट्रेच के बाईं तरफ 48 जगहों पर और दूसरी तरफ 62 जगहों पर सड़क धंस गई है.

डीएमई परियोजना निदेशक मुदित गर्ग ने बताया कि यह नुकसान इसलिए हुआ है क्योंकि अधिकारियों को इस डासना-मेरठ स्ट्रेज पर जमीन का कब्जा काफी देर में मिला था. जिसके कारण मिट्टी का काम पूरा करने के लिए सिर्फ 6 महीने मिले थे. मुदित गर्ग ने बताया कि इस क्षेत्र में रेतीली मिट्टी है और ऐसे में मिट्टी का लेवल बनाए रखने के लिए घास उगाने के लिए ज्यादा समय की जरूरत होती है.  

दिल्ली-एक्सप्रेस वे पर कई जगह सड़क धंसी.

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल पंप, CNG स्टेशन और ई-चार्जिंग सेंटर भी खुलेंगे

डीएमई परियोजना निदेशक ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर कुछ जगहों पर छोटे-छोटे गड्ढे भी बन गए हैं. निदेशक गर्ग ने बताया कि यह ड्रिप सिस्टम के कारण हो सकता है जिसका इस्तेमाल एक्स्प्रेस के डिवाइडर पर पौधों की सिंचाई के लिए किया गया होगा.

डीएमई परियोजना निदेशक ने बताया कि एक्सप्रेस पर हुए नुकसान को ठीक करने के लिए 10 दिनों तक शुष्क मौसम की जरूरत थी और पहले काम काफी जोरों से चल रहा था. लेकिन विपक्षी दलों ने गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं. एक्सप्रेस-वे पर इस तरह की क्षति यात्रियों को लिए खतरा पैदा कर सकती हैं.  

दिल्ली-एक्सप्रेस वे पर कई जगह सड़क धंसी.

यूपी का टूटेगा रिकॉर्ड, दोबारा बनूंगा मुख्यमंत्री, 350 सीट से अधिक जीतेगी भाजपा- सीएम योगी आदित्यनाथ

मेरठ के बीजेपी सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने इसको लेकर कहा है कि कभी-कभी बारिश के कारण यह सब समस्या हो जाती है. इसी के साथ उन्होनें कहा कि इस मामले से संबंधित सभी अधिकारियों से बात की जा रही है औऱ नुकसान को ठीक करने का काम किया जा रहा है. इसी के साथ सांसद ने यह स्वीकार किया कि एक्सप्रेस-वे एक निश्चित समय सीमा के दबाव में बनाया गया था. 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें