निजीकरण के विरोध में बिजली अभियंताओं ने किया वीडियो कांफ्रेंसिंग का बहिष्कार

Smart News Team, Last updated: Wed, 30th Sep 2020, 1:06 PM IST
बुधवार को बिजली अभियंताओं(इंजीनियर) ने विरोध करते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग का बहिष्कार किया है.  ऐसा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण करने के प्रस्तावित फैसले के खिलाफ हो रहा है. विभिन्न कर्मचारी संगठनों के लोगों की गिरफ्तारी का यूपी पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन की मेरठ इकाई ने विरोध किया है.
निजीकरण के विरोध में बिजली अभियंताओं ने किया वीडियो कांफ्रेंसिंग का बहिष्कार, प्रतीकात्मक फोटो

मेरठ. बुधवार को बिजली अभियंताओं(इंजीनियर) और कर्मचारियों ने विरोध करते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग का बहिष्कार किया है. यह विरोध पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण करने के प्रस्तावित फैसले के खिलाफ हो रहा है. इसके खिलाफ आंदोलन बढ़ता ही जा रहा है.

सरकार और प्रबंधन के दमनकारी रवैय को देखते हुए विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी ने कहा कि वो हर स्तर पर होने वाली वीडियो कांफ्रेंसिंग का बहिष्कार करेंगे. इस बहिष्कार में विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के अधीक्षण अभियंता एके सिंह, दिलमणि थपलियाल, आरए कुशवाह, रोहित कुमार ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के कहने  पर वीडियो कॉन्फ्रेसिंग का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है. ऐसा ही इन्होंने मंगलवार को भी किया था. 

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निजीकरण के विरोध में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के लोगों  और कर्मचारियों की गिरफ्तारी का उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन की मेरठ इकाई ने विरोध किया है और इसकी  निंदा भी की है.

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यूपी पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन की मेरठ इकाई ने यह भी कहा कि निजीकरण के फैसले को तुरंत वापस लिया जाए. यह  मांग करने वालों में अध्यक्ष मुकेश कुमार, कार्यवाहक अध्यक्ष मनोज कुमार, महेश चन्द सचिव, आशीष लाल संगठन सचिव, प्रिंस गौतम, रामबाबू और शैलेन्द्र सिंह शामिल रहे. निजीकरण का विरोध करने वालों का कहना है कि प्रदेश की आम जनता के हित में नहीं है. इसके बाद कंपनी सिर्फ अपने फायदे के लिए काम करेगी. गरीब लोगों की बिजली बार-बार काट दी जाएंगी.

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