महिला शक्ति का एक और उदाहरण, इंजीनियर निमिशा को मिला दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल की सुरंग का जिम्मा

Swati Gautam, Last updated: Sat, 18th Sep 2021, 4:24 PM IST
  • दिल्ली से मेरठ तक बन रहे 82 किलोमीटर रैपिड रेल कॉरिडोर का काम तेजी पर है. इसके लिए बन रही भूमिगत सुरंग का जिम्मा इंजीनियर निमिशा सिंह को सौंपा गया है जिसकी जानकारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने एक वीडियो जारी कर यू ट्यूब पर अपलोड कर दी. वीडियो में निमिशा ने कहा एनसीआरटीसी को धन्यवाद देती हूं, उन्होंने मुझ पर विश्वास जताते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है.
महिला शक्ति का एक और उदाहरण, इंजीनियर निमिशा को मिला दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल की सुरंग का जिम्मा 

मेरठ. दिल्ली से मेरठ तक बन रहे 82 किलोमीटर रैपिड रेल कॉरिडोर का काम तेजी पर है. इस कार्य में महिलाओं की भी अहम भूमिका दिख रही है. कॉरिडोर का सबसे अहम कार्य भूमिगत सुरंग बनाना माना जाता है. इस जरूरी काम की कमान इंजीनियर निमिशा सिंह को सौंपी गई है. यह महिला शक्ति का एक जीता जागता उदाहरण है. महिलाओं को प्रेरित करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने एक वीडियो जारी किया है जिसे अपने यू-टयूब अकाउंट पर शेयर भी किया है. इस वीडियो में निमिशा सिंह दिल्ली में चल रहे भूमिगत सुरंग कार्य में कर्मचारियों और अपने सह-कर्मियों के साथ काम करती दिख रही हैं.

रैपिड रेल कॉरिडोर की भूमिगत सुरंग बनाने का काम सौंपे जाने वाली सहायक इंजीनियर निमिशा सिंह ने गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग की हुई है. वह उन पर सौंपे गए इस काम को चुनौती की तरह ले रही हैं क्योंकि देश की पहली रीजनल रैपिड रेल है. निमिशा अपने ऊपर सौंपे गए कार्यों को गंभीरता के साथ साइट पर पहुंचकर देख रही हैं. उनके इस जज्बे को देख न केवल महिलाएं जबकि पुरुष कर्मचारी भी प्रेरित हो रहे हैं और लगन से काम कर रहे हैं.

घिनौनेपन की हद, बेकरी में थूक लगाकर रस की पैकिंग करते युवक का वीडियो वायरल

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम द्वारा जारी किए गए इस वीडियो में निमिशा सिंह कहती दिख रही हैं कि मैं एनसीआरटीसी को धन्यवाद देती हूं, उन्होंने मुझ पर विश्वास जताते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है. बता दें कि मेरठ से दिल्ली तक बनाए जा रहे इस रैपिड रेल कॉरिडोर का काम जल्द खत्म करने के लिए कई हजार श्रमिक और इंजीनियर लगे हुए हैं. एनसीआरटीसी की कोशिश है कि साल 2023 दिसंबर तक मेरठ तक रैपिड रेल का संचालन किया जा सके.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें