कोरोना काल में ठप हो गया आइसक्रीम का काम, पांच बच्चों के पिता ने दी जान

Smart News Team, Last updated: 23/09/2020 09:40 AM IST
वाराणसी के बड़गांव में चार बेटियों और एक बेटे के पिता कैलाश(38) जो कि आइसक्रीम विक्रेता थे, उन्होंने आर्थिक तंगी के कारण फांसी लगाकर जान दे दी. वो अपनी बड़ी बेटी की शादी के लिए भी चिंतित थे. इसी कारण मुंबई कमाने भी गया था पर कोरानाकाल में पूरे लगे लाॅकडाउन के दौरान उन्हें वापस अपने घर आना पड़ा.
कोरोना काल में ठप हो गया आइसक्रीम का काम, पांच बच्चों के पिता ने दी जान

वाराणसी के बड़ागांव थाने के सरोज बस्ती में सोमवार की रात को चार बेटियों और एक बेटे के पिता  कैलाश सरोज(38) जो कि आइसक्रीम विक्रेता है. उसने आर्थिक तंगी से परेशान होकर फांसी लगाकर जान दे दी. वह अपनी सबसे बड़ी बेटी की शादी को लेकर भी चिंतित था. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

मिल रही जानकारी के अनुसार कैलाश(38) की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी. वो अपनी बड़ी बेटी की शादी के लिए उसे पैसे चाहिए थे. इस कारण वो मुबंई भी कमाने गया था. कोरोनाकाल के दौरान लाॅकडाउन ने उससे उसका काम छिन लिया. वहां जब काम नहीं रह गया तो वो वापस अपने घर आ गया और मजदूरी करने लगा पर थोड़े दिन बाद यहां भी काम मिलना बंद हो गया. इसके बाद भी उसने हार नहीं मानी और आइसक्रीम बेचने की शुरुआत की पर इससे भी उसके परिवार का खर्चा नहीं निकला.

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कैलाश(38) अपने चार भाईयों में सबसे छोटा था और उनसे अलग रहता था. वह अपनी पत्नी, चार बेटियों और एक बेटे के परिवार में अकेले कमाने वाले थे. सोमवार की रात को कैलाश ने घर के बाहर दीवार पर बने लिंटर पर रस्सी का फंदा लगाकर जान दे दी. इस समय उसके पत्नी और बच्चे घर के कमरे में सो रहे थे.

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सुबह चार बजे के करीब कुछ महिलाओं ने देखा और वह शोर मचाने लगीं.  इस दौरान  पत्नी और बच्चे बाहर आये. कैलाश की पत्नी उसे फांसी के फंदे से उताकरत अस्पताल ले गयी जहां उसे डाॅक्टर ने मृत बता दिया. सोमवार की शाम को जब वहआइसक्रीम बेचकर घर आया उस दौरान पती और पत्नी में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी. इसके बाद कैलाश ने खाना खाया और छत पे सोने चला गया. इसी दिन रात में कैलाश ने फांसी लगाकर जान दे दी.

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