मृतकों के अस्थि को हरिद्वार गए बिना कर सकेंगे गंगा में विसर्जित, जानें प्रक्रिया

Smart News Team, Last updated: Sat, 12th Jun 2021, 11:29 AM IST
  • भारतीय डाक सामाजिक-धार्मिक संगठन ओम दिव्य दर्शन के साथ मिलकर एक नई पहल शुरू कर रहा है. जिसमें लोग अपने प्रियजनों की अस्थियां प्रयागराज, हरिद्वार, गया और वाराणसी में डाक के द्वारा गंगा नदी में प्रवाहित कर सकते हैं.
मृतकों के अस्थि को हरिद्वार गए बिना कर सकेंगे गंगा में विसर्जित. ( सांकेतिक फोटो )

मेरठ: भारत में खास कर हिन्दू संस्कृति में अपने प्रियजनों के मृत्यु के बाद उनके अस्थियों को गंगा में विसर्जित करने की एक पुरानी परंपरा रही है. हिन्दू धर्म को मानने वालों की मान्यता है कि प्रियजनों के मृत्यु के बाद उनके जली हुई लाश में से बची कुछ अस्थियों को गंगा में बहाने के बाद ही मृत व्यक्ति को मुक्ति मिलती है. लेकिन कोविड महामारी के कारण आज यह परम्परा टूटती नजर आ रही है.

अब भारतीय डाक विभाग एक सामाजिक-धार्मिक संगठन "ओम दिव्य दर्शन" के साथ मिलकर एक नई पहल शुरू करने जा रहा है. जिसमें जो लोग अपने प्रियजनों के मौत के बाद उनकी अस्थि हरिद्वार, गया, वाराणसी या प्रयागराज में विसर्जित करना चाहते हैं उन्हें एक पैकेट में अस्थि बंद करके अपने पास के पोस्ट ऑफिस में जमा कर स्पीड पोस्ट करना होगा. जिसके बाद उस पैकेट को ले जा कर पूरे विधि विधान से गंगा में विसर्जित कर दिया जाएगा. जिसे परिजन घर बैठे लाइव देख सकते हैं.

मेरठ में शनिवार को बिजली सप्लाई होगी बाधित, जानें किन इलाकों की बत्ती रहेगी गुल

प्रयागराज पोस्ट ऑफिस के सीनियर सुप्रीटेंडेंट ने बताया कि इस सुविधा को पाने के लिए सबसे पहले लोगों को ओम दिव्य दर्शन के पोर्टल पर जा कर रजिस्ट्रेशन करना होगा. जिसके बाद पैकेट में अस्थि को डालकर पैकेट पर बड़े अक्षरों में ओम दिव्य दर्शन लिखना होगा और उसे स्पीड पोस्ट के माध्यम से हरिद्वार, गया, वाराणसी, प्रयागराज जहां भी इच्छा हो वहां भेजना होगा. जहां पर ओम दिव्य दर्शन पूरी रीति रिवाज के साथ उन अस्थियों को गंगा में प्रवाहित कर देगी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें