नए वित्तीय वर्ष के चलते अप्रैल के तीसरे दिन भी शराब की दुकानें खाली

Smart News Team, Last updated: Sun, 4th Apr 2021, 4:56 PM IST
मेरठ में वित्तीय वर्ष के चलते अप्रैल के तीसरे दिन भी अधिकांश शराब की दुकानें खाली रहीं जिसके चलते जिले में शराब की मारामारी हो रही है. इस सत्र में बीयर 20 रुपये सस्ती हो गई है जबकि देशी और विदेशी शराब महंगी हो गई है.
मेरठ में नए वित्तीय वर्ष के चलते अप्रैल के तीसरे दिन शराब की दुकानें खाली रहीं.

मेरठ. जिले में अधिकांश शराब की दुकानें अप्रैल के तीसरे दिन भी खाली हैं जिसके चलते शराब के शौकीनों को उनके मन मनपसंदीदा ब्रांड नहीं मिल पा रहे हैं. इस संबंध में आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ कुछ दिक्कतें आती हैं लेकिन अगले 3 से 4 दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी. इसके अलावा इस बार मार्च के अंत में होली होने से भी दुकानों में शराब का स्टॉक खत्म हो गया है.

आपको बता दें कि 1 अप्रैल से नया आबकारी सत्र शुरू हो चुका है. इसी के साथ देशी, अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानों के लिए लाइसेंस जारी हो चुके हैं. इस सत्र में बीयर 20 रुपये सस्ती हो गई है जबकि देशी और विदेशी शराब महंगी हो गई है. योगी सरकार ने दूसरे देश से आने वाली विदेशी शराब, स्कॉच वाइन और वोडका जैसे ब्रांड की परमिट फीस बढ़ा दी है. गौरतलब है कि जिले में शराब की 400 से अधिक दुकानें हैं.

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जानकारी के अनुसार शहर से लेकर देहात तक शराब की अधिकांश दुकानों पर शराब की आपूर्ति नहीं हो पा रही है जिसके चलते अधिकांश दुकानें खाली हैं. इसके कारण लोगों में शराब के लिए मारामारी मची हुई है. कुछ इलाकों में हरियाणा से तस्करी करके आई शराब की जमकर बिक्री हुई तो कुछ दिल्ली से शराब ले आए.

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