मेरठ: रूपक की मां को जबरन एंबुलेंस में बिठाने की कोशिश, अनशन भी तुड़वाया

Smart News Team, Last updated: 13/08/2020 01:58 PM IST
  • मिथिलेश ने पुलिस पर लगाया आरोप, पुलिस की पिटाई से कान से कम सुनाई व आंख से धुंधला दिख रहा. रूपक की मां ने लगाया आरोप, गुरुवार को आई पुलिस ने जबरन तुड़वाया अनशन
मेरठ

रूपक हत्याकांड के डेढ़ माह बाद भी बेटे का शव नहीं मिलने पर पांच दिनों से अनशन पर बैठे परिजनों को गुरुवार को पुलिस ने जबरन तुड़वा दिया. इस दौरान रूपक की मां को पुलिस ने जबरन गाड़ी में खींचकर बैठाने का प्रयास किया. परिजनों ने किसी तरह रूपक की मां को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाया.

गुरुवार को सीओ और एसीएम पुलिस फोर्स के साथ रूपक के घर पहुंचे जहां उसकी मां को खींचकर गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया. परिजनों ने किसी तरह पुलिस से महिला को मुक्त कराया.

फिलहाल पुलिस द्वारा रूपक की मां का अनशन समाप्त करा दिया गया है.

बता दें कि मेरठ के कंकरखेड़ा के फाजलपुर निवासी आईटीआई छात्र रूपक की डेढ़ महीने पहले उसके ही दोस्तों ने अपहरण कर हत्या कर दी थी. इसके बाद रूपक के कई टुकड़े कर रोहटा क्षेत्र के एक बोरवेल में फेंक दिया.

पुलिस अभी तक रूपक के शव के टुकड़ों को बरामद नहीं कर पाई है, जिसके बाद रूपक की मां मिथिलेश शव की बरामदगी के लिए अपने परिवार व अन्य कुछ सदस्यों के साथ आमरण अनशन पर बैठी है.

इसी बात को लेकर गुरुवार को सीओ दौराला पंकज सिंह और एसीएम मय फोर्स के साथ रुपक के घर पहुंचे जहां जबरन रूपक की मां मिथिलेश को खींचकर एंबुलेंस में डालने का प्रयास किया. परिजनों व आसपास के लोगों ने इसका विरोध करते हुए मिथिलेश को पुलिस की गिरफ्त से किसी तरह छुड़ाया. इसके बाद पुलिस ने मिथिलेश का आमरण अनशन समाप्त करा दिया.

मिथिलेश का आरोप है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जबरन धमकी देते हुए अनशन तुड़वाया है. उन्होंने कहा कि यदि अनशन नहीं तोड़ते तो पुलिस घसीट कर जबरन ले जाती. आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज करते हुए बेरहमी से पीट रही थी.

मिथिलेश ने आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई के चलते अब उनके कान से कम सुनाई देता है. साथ ही आंख से धुंधला दिखाई पड़ता है. बेटे के शव के अंतिम संस्कार के लिए मां शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रही थी जिस पर पुलिस और प्रशासन को आपत्ति है. पुलिस द्वारा धमकी दी जा रही है. पुलिस डेढ़ माह से शव खोजने में नाकामयाब रही. पुलिस पीड़ित पक्ष पर ही बर्बरता दिखा रही है.

क्या है रूपक मर्डर केस

मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के फाजलपुर गांव के आईटीआई छात्र रूपक की 25 जून को उसके दोस्तों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके बाद कुल्हाड़ी से लाश के 7 टुकड़े कर उन्हें रोहटा थाना क्षेत्र के 220 फीट गहरे बोरवेल में डाल दिया.

डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस बोरवेल से शव के टुकड़ों को बरामद नहीं कर पाई. इसके खिलाफ मृतक के परिजन पिछले 5 दिनों से अपने घर के सामने शांतिपूर्ण तरीके से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं.

सारे प्रयास फेल साबित होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने रायपुर रेल के निर्माण कार्य में जुटी मशीन को बुलाकर बोरवेल करवाने का फैसला किया है. इसके लिए पुलिस जनसहयोग से 400 मीटर लंबी सड़क बनवा रही है ताकि मशीन बोरवेल तक पहुंच सके. गुरुवार को बारिश होने से सड़क निर्माण कार्य बंद हो गया जिसके चलते रूपक के शव को बोरवेल से ढूंढने में अभी और समय लग सकता है.

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