मेरठ मोटर बस यूनियन की मांग- बिना परमिट की बस हों बंद, अधिकारियों पर हो कार्रवाई

Smart News Team, Last updated: Wed, 30th Sep 2020, 4:23 PM IST
मेरठ-बागपत-छपरौली-टांडा मार्ग पर निजी बस संचालकों को भी परमिट जारी किए हुए हैं. लेकिन इस मार्ग पर रोडवेज का कोई परमिट नहीं है. पदाधिकारियों से मांग की है कि बिना परमिट के चल रही बसों को रोका जाए. इस मामले में जो अधिकारी जिम्मेदार उस पर कानून कारवाई कि जाये.
प्रतीकात्मक फोटो 

मेरठ. मेरठ-बागपत-छपरौली मोटर बस यूनियन के प्रबंधक हिम्मत सिंह व अन्य पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर और आरटीओ से मिलकर शिकायत दर्ज की है. उनका कहना है कि मेरठ-बागपत-छपरौली रूट पर बिना परमिट के रोडवेज की बसें चल रहीं हैं. मेरठ-बागपत-छपरौली-टांडा मार्ग पर निजी बस संचालकों को भी परमिट जारी किए हुए हैं. लेकिन इस मार्ग पर रोडवेज बसों के पास परमिट नहीं हैं. इसलिए उनकी मांग है कि इन बसों को बंद किया जाये. साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर उचित कार्रवाई करने कि मांग भी रखी गई है.  

मेरठ-बागपत-छपरौली मोटर बस यूनियन के प्रबंधक हिम्मत सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए कहा है कि रोडवेज अफसरों ने जो जानकारी दी है उसमें उनके पास 60 परमिट है. यह परमिट मेरठ से दिल्ली, मेरठ से पानीपत आदि अन्य रूटों पर है जो कि एक्ट के नियमों के अनुसार नहीं है. बिना परमिट के बसों बसों को रूट पर चलाना गलत है. इसलिए हमारी कमिश्नर और आरटीओ दोनों अधिकारियों से मांग की है कि बिना परमिट के चल रही बसों को रोका जाए. इस मामले में जो अधिकारी जिम्मेदार उस पर कानून कारवाई कि जाये. 

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पदाधिकारियों ने जैसे जानकारी दी कि मोटर एक्ट 1939 व 1988 के तहत कोई परमिट नहीं लिया गया. अब एक्ट में बदलाव किया जा चुका है. इसके तहत एक परमिट पर एक बस का संचालन कर सकते हैं. लेकिन मेरठ-बागपत मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन अवैधानिक तरीके से किया जा रहा है जो कि गलत है.

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