मेरठ में कारोबारियों ने दी आंदोलन की धमकी, नहीं लागू होने देंगे इंस्पेक्टर राज

Smart News Team, Last updated: 13/09/2020 10:50 PM IST
  • योगी सरकार के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अचानक छापेमारी के आदेश को व्यापारियों ने अत्याचार बताया. व्यापारियों का तर्क है कि लॉकडाउन के कारण पहले से ही व्यापार ठप है ऐसे में इस तरह का आदेश प्रदेश सरकार की व्यापारी विरोधी मानसिकता को दिखाता है.
उत्तर प्रदेश व्यापारी मंडल के बैठक के दौरान व्यापारीगण

मेरठ:  व्यापारियों की दुकान पर आचानक छापेमारी के आदेश का रविवार को व्यापारियों ने विरोध जताया. उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री लोकेश अग्रवाल ने प्रदेश सरकार के द्वारा व्यापारी विरोधी कानून गलत कहा.  उनका कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा एसआईबी से व्यापारियों के यहां अचानक छापेमारी की कार्रवाई का आदेश देना व्यापारी विरोधी रणनीति का सबूत है. इससे इंस्पेक्टर राज को ही बढ़ावा मिलेगा.

जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की आगामी 23 सितंबर को होने वाले प्रदेश समिति की बैठक के मद्देनजर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे. आपको बता दें कि कोरोना काल के बाद ये उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की प्रदेश कार्य समिति की पहली बैठक है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्री बनवारी लाल कंछल सहित हर जनपद के वरिष्ठ व्यापारी नेता शामिल होंगे.

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इस दौरान व्यापारियों ने कहा कि कोरोना काल में छह महीने से पहले ही व्यापार ठप है. ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा इस प्रकार की छापेमारी का आदेश देना यह व्यापारी विरोधी मानसिकता को जाहिर करता है.  उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल उसका विरोध करेगा और जरूरत पड़ी तो इसके खिलाफ प्रदेश भर में व्यापक आंदोलन भी चलाया जाएगा. इस बैठक में जिलाध्यक्ष राजकुमार त्यागी, अतुल्य गुप्ता, निशांक अग्रवाल, मुकेश गर्ग, सुशील जैन, अमित कंसल, सुनील वर्मा, राम अवतार बंसल, संजीव गुप्ता एडवोकेट, केके गुप्ता एडवोकेट, इसरार सिद्दीकी, अब्बास, सुनील जैन, सविता त्यागी आदि लोग उपस्थित थे.

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