मेरठ में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, युवती की मौत के 3 महीने बाद वैक्सीन लगाने का मामला

Somya Sri, Last updated: Wed, 15th Sep 2021, 12:50 PM IST
  • मेरठ के सरधना में एक युवती की मौत के तीन महीने के बाद वैक्सीन लगाने का मामला सामने आया है. युवती के परिजनों को बकायदा इसके लिए वैक्सीन सर्टिफिकेट भी भेजा गया है. जिसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी.
मेरठ में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, युवती की मौत के 3 महीने बाद वैक्सीन लगाने का मामला (प्रतिकात्मक फोटो)

मेरठ: मेरठ में स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली है. जहां मेरठ के सरधना में एक युवती की मौत के तीन महीने के बाद वैक्सीन लगाने का मामला सामने आया है. युवती के परिजनों को बकायदा इसके लिए वैक्सीन सर्टिफिकेट भी भेजा गया है. जिसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी.

दरअसल मेरठ के सरधना की सराय अफगानन मोहल्ला निवासी 26 वर्षीय फरहा कई दिनों से बीमार चल रही थी. 17 अप्रैल 2021 को उसकी मौत हो गई. फरहा के मृत्यु के बाद पालिका से प्रमाण पत्र भी जारी हो गया. वहीं कुछ महीने बाद फरहा के भाई वसीम ने सीएचसी पर कोरोना वायरस टीके के लिए रजिस्ट्रेशन कराया. लेकिन, उसकी रजिस्ट्रेशन के बाद उसके मोबाइल पर फरहा की कोरोना वैक्सीनेशन की जानकारी का मैसेज पहुंचा. इसके बाद परिजनों ने इस मामले की जानकारी सीएससी पर दी. जिसपर सीएससी प्रभारी डॉ अमित त्यागी का कहना है कि इस मामले की उन्हें कोई जानकारी नहीं है, अगर ऐसा सच में हुआ है तो जांच कराई जाएगी.

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सीएचसी दौराला प्रभारी डॉ. विपुल वर्मा ने बताया कि मंगलवार को टीकाकरण अधिकारी डॉ. राजवीर सिंह के नेतृत्व में आयोजित कैंप में 1060 लोगों को वैक्सीन लगाई गई. वहीं, कोरोना 200 लोगों की कोरोना जांच भी की गई. जांच में सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई.बता दें कि मेरठ में अब तक 5 लाख 9279 लोग टीकाकरण करा चुके हैं, जबकि पहली डोज लगवाने वाले 14 लाख 95 हजार 49 लोग हैं. वहीं बुधवार को यानी आज 54 स्थानों पर 13320 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है. 9420 लोगों को कोविशील्ड और 3900 लोगों को कोवैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है.

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