मेरठ: PUVVNL निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी

Smart News Team, Last updated: 06/10/2020 01:19 PM IST
  • पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PUVVNL) के निजीकरण के फैसले के विरोध में मेरठ के ऊर्जा भवन पर बिजलीकर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है.
मेरठ: PUVVNL निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी.

मेरठ. पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के फैसले के विरोध में मेरठ के ऊर्जा भवन पर बिजली अफसरों और कर्मचारियों का दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा. धरना स्थल पर पुलिस की तैनाती बनी हुई है. 

पूरे प्रदेश भर में आंदोलन को तेज होते देख पुलिस, प्रशासन और पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने अपनी तैयारियां कर ली है. पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने इमरजेंसी प्लान के लिए अलग-अलग कार्यदायी संस्थाओं से बिजलीघरों के लिए स्टाफ की मांग की है.

आंदोलन के संयोजक बिजलीकर्मियों को संबोधित करते हुए.

आंदोलन के दूसरे दिन भी प्रदर्शनकारी सुबह 10 बजे से ही ऊर्जा भवन पर पहुंचने लगे थे. प्रदर्शनकारी सरकार और पावर कारपोरेशन के चेयरमैन के खिलाफ नारा लगा रहे है. 

धरना स्थल पर बैठे बिजलीकर्मी.

आंदोलन के संयोजक, सह संयोजक आरए कुशवाहा, दिलमणि थपलियाल और एके सिंह ने बताया कि बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों ने आज भी कार्य बहिष्कार का फैसला लिया है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पावर कारपोरेशन के चेयरमैन के कारण के कर्मचारियों को आंदोलन करना पड़ रहा है. 

धरना स्थल पर दूसरे दिन बिजलीकर्मियों का विरोध-प्रदर्शन जारी है.

आंदोनकारियों ने बताया कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बातचीत में बिजलीकर्मियों के सभी मांगों को मान लिया था, लेकिन पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने समझौते पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर मांगे नहीं मानी जाती है तो विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में आंदोलन जारी रहेगा. 

तख्ती लेकर निजीकरण फैसले का विरोध करते हुए बिजलीकर्मी.

बता दें कि लखनऊ, वाराणसी आदि शहरों में बिजली के निजीकरण को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहा है. कर्मचारियों की मांग है कि सरकार पूर्वांचल विद्युत लिमिटेड को निजी हाथों में सौंपने के फैसले को वापस ले.

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