PUVVNL निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों का हड़ताल शुरू, देखें आंदोलन के फोटो

Smart News Team, Last updated: 05/10/2020 02:41 PM IST
  • पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी और अफसर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.
PUVVNL निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मी का हड़ताल शुरू, फोटो में देखे आंदोलन.

मेरठ. पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी और अफसर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिए हैं. प्रदर्शनकारी उर्जा भवन पर जुटकर धरना दे रहे हैं. 

सुबह से ही सभी थानों की पुलिस बिजलीघर पहुंच गई. प्रदर्शनकरियों को देखते हुए ऊर्जा भवन में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है. प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों की रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंपी जा रही है. 

मेरठ: निजीकरण के खिलाफ हड़ताल पर बिजली कर्मचारी, किया धरना प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बिजलीकर्मी.

बिजली वितरण निजी हाथों में सौंपने के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को निजीकरण का फैसला वापस लेना होगा, अन्यथा आंदोलन तेज करेंगे.

विरोध-प्रदर्शन करते हुए बिजलीकर्मी.

प्रदर्शनकारियों ने बताया है कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश अनुसार हमने आंदोलन का रास्ता चुना है. विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर पश्चिमांचल में 14 जिलों में कर्मचारियों और अफसरों ने आंदोलन शुरू कर दिया है. 

PUVVNL निजीकरण विरोध में बिजलीकर्मी आज से हड़ताल पर, आपूर्ति नहीं होगी प्रभावित

प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर बैनर और तख्ती लेकर विरोध कर रहे हैं.

सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन बहिष्कार का ऐलान कर दिया और काम छोड़ हड़ताल पर चले गए. अब हमारी मांग को मानते हुए सरकार को निजीकरण का फैसला वापस लेना होगा. 

बड़ी संख्या में विरोध कर रहे बिजलीकर्मी.

जब तक फैसला वापस नहीं लिया जाता हम आन्दोलन जारी रखेंगे. मेरठ में 500 कर्मचारी जेल जाने की तैयारी कर चुके हैं. 

बिजलीकर्मीयों के इस आंदोलन को विभिन्न संगठनों के कर्मचारियो का समर्थन मिल रहा है.

मेरठ में विरोध कर रहे 500 कर्मचारी जेल जाने की तैयारी कर चुके हैं.

बता दें कि इससे पहले भी लखनऊ, मेरठ, वाराणसी आदि शहरों में बिजली के निजीकरण को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया गया है. 

अधिकारी और कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन बहिष्कार का ऐलान कर दिया है.

कर्मचारियों की मांग है कि सरकार पूर्वांचल विद्युत लिमिटेड को निजी हाथों में सौंपने के फैसले को वापस ले.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें