मेरठ: PUVVNL के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी, आंदोलन की चेतावनी

Smart News Team, Last updated: Tue, 1st Sep 2020, 4:06 PM IST
  • पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के फैसले के विरोध में मंगलवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बैठक की. इस बैठक में फैसला किया गया कि तीन सितंबर को इसे लेकर धरना-प्रदर्शन होगा.
फाइल फोटो

मेरठ. उत्तर-प्रदेश सरकार के पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के फैसले के विरोध में मंगलवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बैठक की. पश्चिमांचल के समिति पदाधिकारियों ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की. मंगलवार को हुई इस बैठक में बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों, संविदा कर्मियों और अभियंताओं ने सरकार के निजीकरण के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की. इस मुद्दे पर समिति ने तीन सितंबर को धरना-प्रदर्शन का निर्णय लिया.

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इस बैठक में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही फैसला नहीं लिया गया तो ऊर्जा निगम के तमाम बिजली कर्मचारी, अभियंता और जूनियर इंजीनियर आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे. समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से अपील कि की वह खुद इस मसले में प्रभावी हस्तक्षेप करें. समिति संयोजक शैलेंद्र दुवे ने कहा कि तीन सितंबर से हर कार्य दिवस पर विरोध सभाएं होंगी.

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बता दें कि उत्तर-प्रदेश सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को विघटित कर तीन छोटे निगम बनाए जाएंगे. योजना है कि इन तीनों निगमों का निजीकरण किया जाएगा. इसी फैसले के विरोध में बिजली कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं और इसमें सरकार के हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं.

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