मेरठ: भुगतान न हुआ तो मेरठ के लोगों को नहीं मिलेगी गंगाजल की सप्लाई

Smart News Team, Last updated: 15/08/2020 08:15 AM IST
  • मेरठ. शहर के लोगों को अब पानी की सप्लाई के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. क्योंकि इसका कारण है कि जिला प्रशासन द्वारा अभी तक नलकूप विभाग को उनके द्वारा कराए गए कार्यो का भुगतान नहीं हो सका है.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

जिला प्रशासन द्वारा अभी तक नलकूप विभाग को उनके द्वारा कराए गए कार्यो का भुगतान नहीं हो सका है. इसलिए अब विभाग ने यह ठान ली है कि जब तक उन्हें उनके द्वारा खर्च किए गए रुपयों का भुगतान नहीं होगा तब तक वह लोग शहर के लोगों को पानी मुहैया नहीं कराएंगे.

मेरठ के नगर आयुक्त जीएम जल और वित्त नियंत्रक ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में 157 ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई शहर में होती है. इसी सप्लाई के लिए भुगतान की मांग करने के बाद अब गंगाजल की सप्लाई भी पर भी संकट उत्पन्न हो गया है. इसका कारण यह है कि नगर निगम से अब तक उन्हें एक करोड आठ लाख रुपए भुगतान की प्राप्त नहीं हुए हैं. इसके लिए अब उन पर ट्यूब बैलों के रखरखाव की मुश्किल खड़ी रही है.

इस संबंध में मेरठ की मेयर सुनीता वर्मा ने आपत्ति जताई है कि जब तक वह निरीक्षण न कर ले तब तक इसकी रिपोर्ट शासन को न भेजी जाए वही कुछ माह पूर्व निरीक्षण कर भोला की झाल स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के रखरखाव को बेहद घटिया पाया गया था. इस पर नगर आयुक्त ने जल निगम के एमडी को पत्र लिखकर उन पर सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही थी. अब जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर रमेश चंद्र ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर कहा है कि नगर निगम को मार्च 2020 से 2021 तक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के रखरखाव के लिए तीन करोड़ 26 लाख 43 हजार देने थे. मगर जून माह तक उन्होंने अभी 81 लाख 51 हजार रूपयों का ही भुगतान किया है. सितंबर तक एक करोड़ 18 हज़ार रुपये तत्काल उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई थी. कहा गया था कि यदि यह धनराशि मिल जाती है तो सभी का रखरखाव समुचित तरीके से कर सकेगी. जल निगम ने इस संबंध की पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों सहित प्रदेश सरकार को भेज दी है.

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