मेरठ: जेई को नशीली दवा पिला कर अपहरण, सामान लूटने के बाद सुनसान जगह फेंका

Smart News Team, Last updated: 19/09/2020 09:16 AM IST
  • बदमाशों ने मेरठ में जल निगम के जूनियर इंजीनियर को ई-रिक्शा में लिफ्ट देकर अपहरण कर लिया. इंजीनियर को नशीली कोल्डड्रिंक पिलाकर बदमाशों ने मोबाइल फोन, वॉशिंग मशीन और हजारों रुपये लूट लिए.
जेई को नशीली दवा पिला कर अपहरण, सामान लूटने के बाद सुनसान जगह फेंका

मेरठ. मेरठ में बदमाशों ने जल निगम के जूनियर इंजीनियर को ई-रिक्शा में लिफ्ट देकर अपहरण कर लिया. बदमाशों ने इंजीनियर को नशीली कोल्डड्रिंक पिलाकर मोबाइल फोन, वॉशिंग मशीन और हजारों रुपये लूट लिए. वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने इंजीनियर को सुनसान इलाके में फेंक दिया और फरार हो गए. होश आने पर करीब 18 घंटे बाद इंजीनियर अपने घर पहुंचा.

जानकारी के मुताबिक मूल रूप से अलीगढ़ के पला साहिबाबाद निवासी चंद्रकिशोर मेरठ में सिविल लाइन के प्रथम खंड जल निगम में जूनियर इंजीनियर हैं. 15 दिन पहले ही वह परिवार के साथ टीपीनगर थाना क्षेत्र के देवलोक कॉलोनी में शिफ्ट हुए थे. 

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चंद्रकिशोर के मुताबिक गुरुवार को वह किसी काम से अलीगढ़ गए थे. सोहराब गेट डिपो पर रात साढ़े नौ बजे वह बस से वॉशिंग मशीन लेकर उतरे. अपने कॉलोनी देवलोक जाने के लिए उन्होंने ई-रिक्शा लिया. लेकिन थोड़ा दूर चलने पर ड्राइवर ने ई-रिक्शा शराब ठेका के बाहर दिया और वहां शराब पिया. ड्राइवर ने चंद्रकिशोर को भी शराब ऑफर किया तो उन्होंने मना कर दिया. इसके बाद ई-रिक्शा चालक दो कोल्ड्रिंक ले आया और दोनों ने कोल्डड्रिंक पी. 

चंद्रकिशोर ने बताया कि यहीं पर तीन और युवक आकर ई-रिक्शा में बैठ गए. इसके बाद उन्हें चक्कर आने लगे और वह बेसुध होने लगे. ईरिक्शा सवार बदमाशों ने आगे जाकर माधवपुरम क्षेत्र में वॉशिंग मशीन, मोबाइल और पर्स लूट लियाे और जेई चंद्रकिशोर को सुनसान इलाके में फेंककर भाग निकले. शुक्रवार की सुबह साढ़े 9 बजे उन्हें होश आया. इसके बाद दोपहर ढाई बजे वह किसी तरह पैदल ही देवलोक कॉलोनी अपने घर पहुंचे और पूरा मामला बताया.

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इस मामले में जेई चंद्रकिशोर के देर रात घर नहीं पहुंचने पर उनके पिता टीपीनगर थाने गए तो पुलिस ने उन्हें सुबह आने को कहा. सुबह परिजन गए तो पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस पर लगाने और तलाश करने की बात कही. फिर दोपहर 12 बजे टीपीनगर पुलिस थाने ने फोन कर कहा कि नौचंदी थाने में केस दर्ज करांए. इस तरह पुरे मामले में पुलिस परिजनों को टालती रही. तक तक जेई घर लौट आए.

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