मेरठ:नौचंदी पुलिस इंस्पेक्टर के नाम पर फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर पैसा माँगा

Smart News Team, Last updated: 20/08/2020 10:02 AM IST
  • मेरठ:नौचंदी पुलिस इंस्पेक्टर आशुतोष के नाम पर फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर पैसा मांग रहा जालसाज पुलिस इंस्पेक्टर आशुतोष ने फेसबुक पर पोस्ट लिख कर लोगों को किया सचेत फर्जी फेसबुक अकाउंट की फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं करने की अपील की
प्रतीकात्मक तस्वीर

मेरठ। नौचंदी पुलिस इंस्पेक्टर आशुतोष

के नाम पर फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर एक जालसाज दोस्तों व परिचितों से पैसे की मांग कर रहा था. जानकारी होने पर इंस्पेक्टर आशुतोष ने अपने फेसबुक अकाउंट से लोगों को सूचना देकर सचेत किया.

बता दें कि जालसाज ने सबसे पहले आशुतोष के नाम से फर्जी फेसबुक एकाउंट बनाया इसके बाद उसने आशुतोष से जुड़े सभी मित्रों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा.

इसके बाद सभी को मैसेज कर पैसे की डिमांड की. इमरजेंसी होने की बात कहकर वह उनके मित्रों से पैसे की डिमांड कर रहा था.इस बात की जानकारी आशुतोष को उनके एक मित्र ने दी. तब उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट अपडेट की.

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि मेरे नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर दोस्तों व परिचितों से पैसे की मांग की जा रही है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मेरे नाम से चल रही फर्जी अकाउंट की फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करें और जिन्होंने फर्जी अकाउंट को एक्सेप्ट कर लिया है उसे या तो अनफ्रेंड कर दें या ब्लॉक कर दें.

इसके बाद उनके पोस्ट पर परिचितों व मित्रों के कमेंट आने शुरू हो गए. इस बात की पुष्टि कई लाग ने की. कुछ लोगों ने लिखा कि पैसे की डिमांड की गई थी लेकिन उन्होंने बिना बात किए हुए पैसे नहीं देने से मना कर दिया.

फेसबुक के साथ मैसेंजर एकाउंट नहीं होने से हो रही जालसाजी

फेसबुक पर पैसे मांग कर जालसाजी करने का मामला ज्यादातर ऐसे लोगों के साथ हो रहा है जिनका फेसबुक पर अकाउंट तो है लेकिन उनके फेसबुक अकाउंट मैसेंजर से कनेक्ट नहीं है.

इस वजह से मैसेज आने की तत्काल सूचना उन्हें नहीं मिल पाती. जालसाज इस बात का फायदा उठा कर उनके अकाउंट से सभी लोगों को मैसेज भेजते हैं जो भी उनके जालसाजी में फंसता है. उनसे रुपए ऐंठ लेते हैं जबकि जिनके पास मैसेंजर पहले से इंस्टॉल है.

उनके अकाउंट से पैसे की डिमांड करने पर उनके पास भी मैसेज शो करने लगता है जिससे तुरन्त ही जालसाजी का पता चल जाता है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें