मेरठ: ब्रह्मपुरी इलाके में जलभराव से परेशान लोग, यह कारण आया सामने

Smart News Team, Last updated: 29/11/2020 07:16 PM IST
  • मेरठ शहर में ठंड में मौसम में भी लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है. यूपी में यह इकलौता ऐसा शहर हैं, जहां पूरे साल नाले उफान पर रहते हैं. अगर नाला सफाई में एक-दो दिन की भी देरी हो जाती है तो मोहल्लों में काफी हद तक जल भर जाता है.
फाइल फोटो

मेरठ: मेरठ शहर में ठंड में मौसम में भी लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है. यूपी में यह इकलौता ऐसा शहर हैं, जहां पूरे साल नाले उफान पर रहते हैं. अगर नाला सफाई में एक-दो दिन की भी देरी हो जाती है तो मोहल्लों में काफी हद तक पानी भर जाता है. फिलहाल ब्रह्मपुरी इलाके में जलभराव के कारण लोगों को बहुत सी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. मेरठ शहर में नालों का जाल है. छोटे-बड़े 350 नाले हैं, जिनमें 14 बड़े नाले जलनिकासी की प्रमुख संरचना में आते हैं. ओडियन, आबूनाला एक, आबूनाला दो, कोटला नाला, मोहनपुरी नाला, पांडव नगर नाला, दिल्ली रोड नाला आदि की सफाई प्रतिदिन करानी पड़ती है.

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बता दें, पिछले एक हफ्ते से ब्रह्मपुरी, जाटव गेट, पूर्वा इलाही बख्श, पूर्वा शेखलाल, भगवतपुरा, माधवनगर में जलभराव की स्थिति इसीलिए बनी हुई है. ओडियन नाला समेत पुलिया-नालियां सब चोक हैं. नाले-नालियों की सफाई से सिर्फ कचरा और गोबर की सिल्ट निकल रही है. स्वच्छता उपविधि 2018 के तहत नगर निगम में नाले में कचरा डालने और गोबर बहाने पर जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन गंदगी फैलाने वालों यह कार्रवाई नहीं होती है. नालों को कचरा मुक्त करने का कभी अभियान भी नहीं चलाया गया. हालांकि, फिर भी अधिकारी शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने का दावा करते हैं.

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