मेरठ में पिछले एक साल से नहीं हुई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक, जानिए वजह

Smart News Team, Last updated: 09/12/2020 06:00 PM IST
  • मेरठ में लंबे समय से नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक नहीं हुई है. बता दें, समिति को ही मेरठ की कैबिनेट माना जाता है. इसका कारण है कि समिति में अभी तक चुनाव नहीं हुए हैं. मेरठ कार्यकारिणी में केवल 6 सदस्य हैं. जिनका, चुनाव कराया जाना है.
फाइल फोटो

मेरठ. मेरठ में लंबे समय से नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक नहीं हुई है. बता दें, समिति को ही मेरठ की कैबिनेट माना जाता है. इसका कारण है कि समिति में अभी तक चुनाव नहीं हुए हैं. मेरठ कार्यकारिणी में केवल 6 सदस्य हैं. जिनका, चुनाव कराया जाना है. ऐसे में पार्षद लगातार इसकी मांग कर रहे हैं. लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है. इस कारण पिछले एक साल से कार्यकारिणी समिति की बैठक भी नहीं हुई है. हालांक, ऐसे में ये सवाल उठता है कि शहर का विकास कैसे होगा?

बता दें, कार्यकारिणी समिति में 12 सदस्य होते हैं. चुने गए 12 सदस्यों में से छह सदस्यों का कार्यकाल एक साल का होता है, जबकि शेष छह सदस्यों का कार्यकाल दो साल का होता है. एक साल के कार्यकाल के बाद छह सदस्य कार्यकारिणी से पर्ची निकालकर बाहर किए जाते हैं. उनके स्थान पर छह सदस्य चुने जाते हैं. इस क्रम में नगर निगम की कार्यकारिणी समिति के 12 सदस्यों का चुनाव फरवरी 2018 में हुआ था. फरवरी 2019 में छह सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो गया था. कई महीने बाद पर्ची निकालकर इन्हें बाहर किया गया था. लेकिन उनके स्थान पर छह सदस्यों का निर्वाचन सितंबर 2020 में कराया गया. जबकि इसी अवधि में कार्यकारिणी में बचे छह सदस्यों का दो साल का कार्यकाल भी पूरा हो चुका था. जिससे कार्यकारिणी अधूरी है. अब छह सदस्यों का चुनाव फिर कराया जाए तब जाकर कार्यकारिणी पूरी होगी.

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भाजपा और अन्य दलों के पार्षदों ने कार्यकारिणी के छह सदस्यों के चुनाव कराने की मांग उठाई है. पार्षदों का कहना है कि पूर्व नगर आयुक्त डा. अरविंद चौरसिया ने अक्टूबर में महापौर सुनीता वर्मा को पत्र लिखा था. जिसमें छह सदस्यों के निर्वाचन को जरूरी बताया था. लेकिन महापौर की तरफ से कार्यकारिणी के छह सदस्यों का चुनाव कराने के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

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