मेरठ में नवजात का अपहरण, दोस्‍त ने ही साढ़े तीन लाख में बेचा था बच्‍चा

Smart News Team, Last updated: Sun, 28th Feb 2021, 2:58 PM IST
  • मेरठ के दौराला में इंसानियत तब शर्मसार हो गई जब दोस्त नहीं दोस्त के सात महीने के बच्चे को अगवा कर लिया और एक डॉक्टर को बेच दिया. पुलिस ने 24 घंटे में बरामद कर लिया.
फाइल फोटो

मेरठ. मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र से हाल ही में हैरान कर देने वाली घटना सामने आ रही है. यहां के कैली गांव से अगवा हुए सात माह के बच्चे को पुलिस ने चौबीस घंटे में बरामद कर लिया. दरअसल यहां पर एक 7 महीने की बच्ची को अगवा कर युवक ने मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर को साढ़े तीन लाख रुपए में बेच दिया था. एसएसपी के अनुसार बच्चे को गांव के ही युवक ने अगवा किया था. डाक्टर ने वंश चलाने के लिए हेड कांस्टेबल के बेटे से बच्चे का सौदा किया था.

इस मामले में मुठभेड़के बाद पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है. मामले को लेकर एसएसपी अजय साहनी ने कहा की दौराला के कैली गांव से साहिब का सात माह का बच्चा शहादत अगवा हो गया था. पुलिस ने बच्चे को डाक्टर चैतन्य महेश्वरी के शास्त्री नगर स्थित घर से बरामद कर लिया. डाक्टर ने पूछताछ में बताया कि वंश चलाने के लिए दिल्ली के हेड कांस्टेबल अनिल ढाका के बेटे गौरव ढाका से संपर्क किया. गौरव की दीपांकर से दोस्ती है. गौरव ने साढ़े तीन लाख रुपये में बच्चे का सौदा कैली गांव के हाशिम से करा दिया. जिसके बाद शुक्रवार शाम गौरव ढाका ने हाशिम को एक लाख की रकम सौंप दी थी. इसके बाद हाशिम ने साहिब के बड़े बेटे की गोद में खेल रहे सात माह के बच्चे को छीनकर गौरव को सौंप दिया.

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हालांकि मामले की जांच जब पुलिस ने की तो सामने आया कि हाशिम से साहिब की रंजिश चल रही थी.चार दिन पहले ही दोनों में बातचीत शुरू हुई थी. हाशिम की काल डिटेल से पता चला कि हाशिम की गौरव और डाक्टर चैतन्य से बातचीत हो रही थी. इसके बाद गौरव से पूछताछ की तो उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी. एसएसपी अजय साहनी ने बतया कि डा. चैतन्य माहेश्वरी ने हाशिम से बच्चा गोद लेकर आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया था. गौरव और चैतन्य को नहीं पता था कि बच्चा अगवा करके दिया गया है. वे बच्चा हाशिम के भाई का मानकर चल रहे थे. ऐसे में डाक्टर और हेड कांस्टेबल के बेटे का कोई कुसूर नहीं सामने आया है.

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