मेरठ : नौकरी के नाम पर बनाता था फर्जी मार्कशीट, पुलिस ने किया गिरोह का भांडाफोड़

Smart News Team, Last updated: Sat, 27th Feb 2021, 1:16 PM IST
  • मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार स्थित कालियागढ़ी में सागर नाम के व्यक्ति का घर है. सूचना मिली थी कि सागर अपने घर में प्रिंटर से नकली मार्कशीट छापता है. पुलिस ने सागर को समयपुर गांव के मोड़ से शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने पकड़ा मोबाइल स्नेचिंग गिरोह, 3 बदमाशों से 5 बाइक और 19 मोबाइल बरामद (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बहुत बड़े नकली मार्कशीट बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश बंद किया है. पुलिस ने प्रिंटर से नकली मार्कशीट छापने वाले गिरोह का भांडाफोड़ करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. अभी फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है.

मामले को लेकर मुंडाली थाना प्रभारी रवि चंद्रवाल ने बताया कि मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार स्थित कालियागढ़ी में सागर नाम के व्यक्ति का घर है सूचना मिली थी कि सागर अपने घर में प्रिंटर से नकली मार्कशीट छापता है. पुलिस ने सागर को समयपुर गांव के मोड़ से शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया. उसकी निशानदेही पर घर पर छापा मारा गया. यहां से कंप्यूटर, प्रिंटर, सीपीयू और यूपी बोर्ड हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की 15 मार्कशीट बरामद की है.

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थाना प्रभारी रवि चंद्रवाल ने सागर की निशानदेही पर उसका साथी सचिन तोमर निवासी कैलाशपुरी नौचंदी भी पकड़ा गया. सचिन ग्राहक लेकर आता था .अबतक की जांच में पता चला है कि बीएस यह तंज गिरोह अब तक करीब 20 नकली मार्कशीट 5 से 20 हजार रुपये में बेच चुका है. थाना प्रभारी ने बताया कि यह गिरोह प्राइवेट जॉब या शादी की तलाश में घूम रहे लड़के-लड़कियों को फर्जी मार्कशीट बेचता था.

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उत्तर प्रदेश में आए दिन बढ़ रहे जुर्म को देखते हुए पुलिस अब सक्रिय हो गई है. पुलिस ने अपने सूत्रों के जरिए शहर के भीतर चल रहे अपराधो के बारे में पता लगाया है. इसी तरह ही उन्होंने इस फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का पता लगा लिया गया है.

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