मेरठ की मंडियों में 6 दिनों तक हड़ताल, फलों-सब्जियों के बढ़ सकते हैं दाम

Smart News Team, Last updated: Sun, 20th Sep 2020, 1:30 PM IST
पूरे प्रदेश में कल से मंडी शुल्क को समाप्त करने की मांग को लेकर व्यापारी-वर्ग हड़ताल की करेगा है जो कि 26 सितंबर तक चलेगी. मंडियों में अगले छह दिन की हड़ताल से शहरों में सब्जी, फलों का संकट बढ़ सकता है जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
प्रतीकात्मक फोटो

मेरठ. मंडी शुल्क को समाप्त करने की मांग को लेकर व्यापारी- वर्ग ने हड़ताल का रास्ता चुना है. उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा के आहवान किया है कि पूरे प्रदेश में कल से मंडियों में हड़ताल की जाए है जो कि 26 सितंबर तक चलेगी. इसे सफल बनावने के लिए मंडल के सदस्यों ने मंडियों के व्यापारियों से संपर्क किया है और उनसे इस हड़ताल का समर्थन करने के लिए भी आग्रह किया जा रहा है. इसके साथ ही व्यापारियों ने इस आंदोलन को समर्थन देने का मन बना लिया है. मंडियों में अगले छह दिन की हड़ताल से शहरों में सब्जी, फलों का संकट बढ़ सकता है जिसका नुकसान आम लोगों को हो सकता है. 

संगठन के मेरठ जिलाध्यक्ष विष्णु दत्त पाराशर ने कहा कि प्रदेश स्तर पर मांगो को लेकर सरकार से वार्ता हुई थी लेकिन  पिछले पांच महीनों में सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया. जबकि सरकार को चाहिए था कि मंडी शुल्क को समाप्त दे. अब संगठन ने प्रदेश नेतृत्व के आहवान पर पूरे प्रदेश की मंडियों में सोमवार से हड़ताल प्रस्तावित है जो कि 26 सितंबर तक चलेगी. अगर सरकार हमारी मांगे नहीं मानती तो हम अनिश्चितकालीन आंदोलन करने पर मजबूर होंगे.

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संगठन के पदाधिकारियों ने दिल्ली रोड़ और लोहियानगर मंडियों के मंडी अध्यक्ष और महामंत्रियों, व्यापारियों से जनसंपर्क किया गया है. मंडी शुल्क को पूरी तरह से समाप्त किए जाने की मांग को लेकर प्रस्तावित बंदी में शामिल होने की अपील की और समर्थन मांगा. संगठन का दावा का है कि मंडियों में बंदी के लिए समर्थन मिला है. इसी के साथ यदि कल से प्रदेशव्यापी हड़ताल-बंदी मंडियों में होती है तो फल, सब्जी और खाद्यान्न का संकट होगा. जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

 

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