मेरठ: स्कूलों द्वारा की जा रही पूरे साल की स्कूल फीस की मांग, अभिभावक परेशान

Smart News Team, Last updated: Fri, 12th Mar 2021, 8:01 PM IST
  • कोरोना वायरस के कारण आर्थिक तंगी से जूझने के बाद अब अभिभावकों पर पूरे साल की फीस देने का दबाव बनाया जा रहा है. जिसको लेकर अभिभावक काफी परेशान हैं.
स्कूलों द्वारा की जा रही पूरे साल की स्कूल फीस की मांग, अभिभावक परेशान (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मेरठ: कोरोनावायरस के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान लोगों के लगभग सभी काम बंद हो गए थे. इस दौरान करोड़ों लोगों को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ी. शिक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह से ठप हो गई थी. स्कूलों और कॉलेजों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था. हालांकि, आर्थिक परेशानी झेलने के बाद अब स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर आगामी सत्र की पूरी फीस एक साथ जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है.

बता दें, स्कूलों में फिलहाल नए सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है. स्कूल सालभर की फीस की इसलिए मांग कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान ना उठाना पड़े. लॉकडाउन के दौरान स्कूलों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं चलाई गई थीं, हालांकि, इस दौरान अभिभावकों ने आर्थिक तंगी के कारण फीस का भुगतान नहीं किया था.

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हालांकि, लॉकडाउन के बाद जब स्कूल खुले तब भी कई छात्रों की फीस जमा नहीं हो सकी. इस कारण अब स्कूल संचालकों ने सालभर की फीस पहले ही जमा कराने का प्रयास शुरू कर दिया है. वहीं स्कूलों ने एक साथ भुगतान करने पर छूट का प्रावधान भी किया है. सालभर की फीस एक साथ जमा करने पर कुल फीस में दो से तीन फीसदी की छूट देने का प्रावधान है. इसका लाभ अभिभावकों को दिया जा रहा है.

स्कूलों द्वारा फीस वसूले जाने को लेकर सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने बताया कि शहर के कई स्कूलों में अभी भी छात्रों ने पिछले साल की फीस का भुगतान नहीं किया है. इस दौरान कई छात्रों ने स्कूल छोड़ दिया है, तो कईयों ने आर्थिक तंगी के कारण आना बंद कर दिया. हालांकि, सहोदय ने फैसला लिया है कि किसी भी नए छात्र को स्कूल में तब तक प्रवेश नहीं मिलेगा जब तक वह एनओसी जमा नहीं करवा देते.

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