मेरठ: एक बच्चे में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई, जानें क्या है यह बीमारी

Anurag Gupta1, Last updated: Fri, 17th Sep 2021, 7:44 PM IST
  • मेरठ में एक बच्चे में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है. इससे पहले एक महिला में बीमारी की पुष्टि हुई थी. जानवरों के मल-मूत्र पर बैठने वाले कीड़ों से भी स्क्रब टाइफस फैलता है.
स्क्रब टाइफस की पुष्टि के बाद इलाज करते डॉक्टर.  (फोटो- पीटीआई)

मेरठ. कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका लोगों को सता रही है. इसी समय डेंगू और वायरल बुखार ने भी लोगों को परेशान कर रखा है और अब मेरठ में दो साल के बच्चे में स्क्रब टाइफस की पुष्टि होने के बाद स्वस्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. बच्चा बुलंदशहर का रहने वाला है. पहले एक निजी लैब में जांच कराई गई थी जिसके बाद पुष्टि करने के लिए मेडिकल कॉलेज में जांच कराई गई. 

डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि निजी लैब में और मेडिकल कॉलेज दोनों जगहों पर पुष्टि हुई है. ये बीमारी ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया के कारण होती है. इसके पहले मेरठ की रहने वाली एक महिला में पुष्टि हुई थी. जिसकी जांच गाजियाबाद में कराई गई थी. साथ ही बताया कि मेरठ मेडिकल कॉलेज में कोरोना, डेंगू सहित अन्य स्क्रब टाइफस की जांच शुरू हो गई है जिससे मरीजों को इलाज मिलने में देर न हो. 

कैसे फैलता है स्क्रब टाइफस: ये वायरस गंदगी से फैलता है. बरसात के मौसम में इससे बचाव करना जरूरी होता है. जानवरों के मल-मूत्र पर बैठने वाले कीड़ों से भी फैलता है इसलिए खाना बनाते समय और खाते समय सफाई रखनी चाहिए. साथ जितना हो सकें बाहर का खाना खाने से बचना चाहिए. घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के काटने से भी फैलता है.

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मेरठ में डेंगू ने भी अपना पैर पसार रखा है. अब तक की 142 मामले सामने आए हैं. सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि मेरठ में डेंगू के 83 मामले सक्रिय हैं. साथ ही बताया कि हम डेंगू के रोकथाम के लिए कई अहम कदम उठा रहे हैं. यदि किसी के घर पर पहली बार मच्छर का लार्वा पाया जाता है तो हम उसे नोटिस देते हैं. दूसरी बार पाए जाने पर जुर्माना लगाते हैं. तीसरी बार लार्वा पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज करते हैं.

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