वेस्ट UP में 6 महीने में 7 साधुओं की हत्या, विपक्ष के सवालों से घिरी योगी सरकार

Smart News Team, Last updated: 12/10/2020 04:11 PM IST
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से साधुओं की लगातार हत्या हो रही है. विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर साधुओं की मौत को लेकर निशाना साधा.
लगातार प्रदेश में हो रही साधुओं की 

मेरठ. रविवार को गोंडा जिले में राम जानकी मंदिर के पुजारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मेरठ में आए दिनों साधुओं की हत्या हो रही है. पिछले 6 महीने में 3 साधुओं की हत्या और 4 साधुओं की मौत एक बड़ा रहस्य बना हुआ है. यह घटनाएं उत्तर प्रदेश के पश्चिमी छोर पर देखी जा रही हैं.

मौत की मुख्य घटनाएं

28 अप्रैल 2020 को दो साधुओं का गला रेत कर हत्या करने के जुर्म में मुरारी नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया. यह घटना बुंदेल शहर जिले के अनूप शहर क्षेत्र में स्थित एक मंदिर में सो रहे गरीब दास उर्फ जगन दास वह शेर सिंह उर्फ सेवादास साधुओं की है.

14 जुलाई 2020 को मंदिर के सेवादार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इसके बाद धार्मिक टिप्पणी के लिए साधु क्रांतिप्रसाद के गले के भगवा दुपट्टे का उपयोग किया गया. घटना मेरठ के अब्दुल्लापुर गांव के शिव मंदिर की है.

9 सितंबर 2020 को मंदिर परिसर में सो रहे महाराज मृत मिले जिनके सर से खून निकल रहा था.

24 सितंबर 2020 को एक बहती हुई लाश मिली जिस की वेशभूषा साधु की तरह थी. घटना मेरठ की सरधना गंग नहर की है.

24 सितंबर 2020 को एक तालाब के नारे साधु की लाश मिले घटना बागपत के टीकरी कस्बे की है.

9 अक्टूबर 2020 को पुलिस चौकी के पास यमुना नदी में तैरता हुआ साधु का शव मिला. घटना बागपत के निवाड़ा पुलिस चौकी की है.इस घटना की अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना बाकी है.

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विपक्ष मुद्दा बनाने की तैयारी में

विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए साधुओं की मौत का मुद्दा बनाया है. टि्वटर हैंडल का उपयोग करते हुए यूपी कांग्रेस ने एक रिपोर्ट तैयार की है. इसके तहत 2 साल में 20 साधुओं की हत्या बताई गई है. साथ ही बताया है प्रदेश में बिजनौर, बागपत, बुलंदशहर, और मेरठ मैं साधुओं को निशाना बनाया जाता है.

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