मेरठ कलेक्ट्रेट में सपेरों ने बीन बजाकर किया प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

Haimendra Singh, Last updated: Mon, 6th Sep 2021, 2:40 PM IST
  • सोमवार को मेरठ में सपेरों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. सपेरों ने कहा, कि वाइल्डलाइफ एक्ट के कारण सांप रखने पर प्रतिबंध के कारण उनका समाज भुखमरी के कगार आ गया है. राज्य की योगी सरकार हमें अनुसूचित जाति में शामिल करे, और आर्थिक रुप से हमारी मदद करे.
मेरठ कलेक्ट्रेट में सपेरों ने अपनी मांगों को लेकर किया प्रदर्शन.

मेरठ. यूपी में मेरठ में सपेरों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पर अनूठा प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान सपेरों ने कहा, कि देश ज्यादातर राज्य में सपेरे अनुसूचित जाति के अतर्गत आते है जिससे वहां उन्हें जातिगत लाभ मिलता है, लेकिन यूपी में सपेरों को एससी कैटेगरी से बाहर रखा गया है. अपनी मांगों को लेकर सपेरों ने कलेक्ट्रेट में बीन बजाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. उनका कहना है कि वर्तमान में सपेरों की भूखमरी की नौबत आ गई है इसलिए राज्य सरकार हमारी मदद करें.

ऑल इंडिया नोमेडिक सपेरा विकास फेडरेशन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे सपेरे सोमवार की सुबह से ही मेरठ के कमिश्नरी चौराहे पर एकत्रित होना शुरू हो गए थे. वहां से वह बीन बजाते हुए जुलूस निकाल कर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने लगे. सपेरे ने कहा, कि राजस्थान से आकर विभिन्न राज्यों में बसे लाखों सपेरों का मुख्य रोजगार बीन बजाकर परिवार का गुजर-बसर करना है, लेकिन वाइल्डलाइफ एक्ट के कारण सांप को रखने पर प्रतिबंध के कारण यह समाज भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है. सपेरों ने कहा कि देश के तमाम राज्यों में हमे जाति का आरक्षण मिलता है यूपी में हम अनुसूचित जाति में शामिल नहीं है.

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संगठन के नेता रहे मौजूद

संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष सुनील नाथ सपेरा ने कहा कि सूबे में सपेरा जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए और प्रमाण पत्र जारी कराया जाए. सपेरों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तो वह आंदोलन करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे. प्रदर्शनकारियों में सूरज नाथ, राहुल नाथ, पिंटू नाथ, बबलू नाथ, धर्मवीर नाथ, मुकेश नाथ, तेजपाल, नितेश, शेर सिंह शामिल रहे.

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