मेरठ: सोचा कोरोना के डर से टीचर्स नहीं करेंगे चेकिंग, जांच में पकड़े गए 19 नकलची

Smart News Team, Last updated: 04/09/2020 05:14 PM IST
  • मेरठ में विश्विद्यालय में परीक्षा के दौरान 19 छात्रों को नकल करते हुए पकड़ा गया. नकल करने वाले छात्रों को यह भ्रम था कि कोरोना संक्रमण के चलते फिजिकल चेकिंग नही होगी. परीक्षा में छात्र मास्क का भी दुरुपयोग कर रहे हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर

मेरठ: विश्वविद्यालय में 19 परीक्षार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया. इनमें 11 लड़कियां और आठ लड़के शामिल हैं. विवि ने सभी नकलची छात्रों पर यूएफएम में कार्रवाई कर दी है. दो पालियों में गुरुवार को 1075 छात्र-छात्राओं ने पेपर छोड़ दिए. विवि ने सभी सचल दस्तों के साथ ही केंद्रों पर आंतरिक टीमों से सुरक्षा उपायों के साथ चेकिंग के निर्देश दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक विवि में दूसरी पाली में 9 और तीसरी में 10 परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गए. विवि के मुताबिक छात्रों को यह गलतफहमी थी कि कोरोना संक्रमण के चलते कोई चेकिंग नहीं होगी. टीचर्स संक्रमण के डर से उन्हें छुएंगे भी नहीं. ऐसे में वे नकल सामग्री ले आए. सचल दस्तों के मुताबिक जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें सर्दी, बुखार या अन्य लक्षण है तो सभी ने इंकार कर दिया. नकलचियों ने कहना था कि सेंटर के बाहर दूर से ही प्रवेश पत्र चेक किए जा रहे थे, ऐसे में उन्हें लगा कि परीक्षा में कोई उन्हें नहीं छुएगा और वे आसानी से नकल कर सकेंगे. वहीं गुरुवार को दूसरी पाली में 4929 और तीसरी में 6972 परीक्षार्थियों में से क्रमश: 633 एवं 442 ने परीक्षा छोड़ दी.

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यही नहीं परीक्षा आयोजन के दौरान कोरोना संक्रमण से  सुरक्षा के लिए लागू मुंह पर मास्क के नियम का भी छात्र गलत इस्तेमाल भी कर रहे हैं. सचल दस्तों का कहना है कि स्टूडेंट मुंह पर मास्क लगाकर आसपास के छात्रों से बात कर रहे हैं. मास्क लगा होने से यह पता नहीं चल पाता कि कमरे में कौन सा छात्र बोल रहा है.

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