गन्ने की 'अगेती' किस्म को गन्ना विभाग ने नकारा, दूसरी प्रजाति की फसल की सलाह

Smart News Team, Last updated: Thu, 11th Feb 2021, 3:30 PM IST
  • मेरठ में किसानों को काफी लाभ देने वाली गन्ने की अबतक की सबसे अच्छी प्रजाति अगेती को गन्ना विभाग ने नकारा. लाल सड़न रोग के कारण किसानों को दूसरी प्रजाति के गन्ने की बुवाई करने की सलाह दी.
गन्ने की फसल

मेरठ: किसानों को काफी लाभ देने वाली गन्ने की अबतक की सबसे अच्छी प्रजाति अगेती को गन्ना विभाग नकार रहा है. लाल सड़न रोग के कारण विभाग और मिलें किसानों को दूसरी प्रजाति के गन्ने की बुवाई करने की सलाह दे रहे हैं. अगेती प्रजाति के गन्ने की फसल फायदेमंद होने के बावजूद तमाम किसान अब इसे छोड़ने को मजबूर हो गए हैं.

दरअसल कुछ दिनों के अंतराल पर गन्ना विकास विभाग की ओर से गन्ने की तरह-तरह की प्रजातियां विकसित की जाती हैं. अबतक गन्ने की कोई भी प्रजाति ऐसी नहीं हुई जिससे किसानों को सालभर मुनाफा मिलता रहे. अगेती किस्म के गन्ने की पैदावर साल 2016 से शुरू हुई. इससे किसानों को काफी राहत भी मिली. किसानों ने गन्ने की इस किस्म से काफी लाभ भी कमाया. इतना ही नहीं चीनी मिलों को भी ये गन्ना खूब रास आया. लेकिन अब लाल सड़न रोग के प्रकोप की वजह से गन्ना विभाग और चीनी मिलें इसे नकार रहीं हैं.

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विभाग का कहना है गन्ने की अगेती प्रजाति में लगने वाले रोग का प्रकोप दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है. उप गन्ना आयुक्त ने जानकारी देते हुए कहा कि करीब 238 गन्ने के पेड़ों में रोग का प्रकोप बढ़ा है. इसलिए किसानों को दूसरी किस्म के गन्ने की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

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आपको बता दें कि अबतक गन्ने की कई प्रजातियों ने बंपर उत्पादन किया है. इनमें साल 1969 में विकसित की गई सामान्य प्रजाति 1148 और साल 1977 में COJ 64 अगेती और कोशा 767 ने बंपर उत्पादन किया. वहीं कुछ सालों बाद आई 034 और 768 प्रजातियों ने भी अच्छी पैदावार की, लेकिन कोई भी ज्यादा दिन तक टिक न सकीं.

 

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