कैंट में नेशनल हाईवे की शर्त पर बढ़ा टोल, व्यवस्था ना होने से हादसे की आशंका

Smart News Team, Last updated: Sat, 12th Dec 2020, 1:23 AM IST
  • मेरठ में छावनी परिषद ने नेशनल हाइवे की शर्त पर दो महीने के लिए टोल बढ़ा दिए हैं. इसमें ठेकेदार की ओर से नेशनल हाइवे के नियम को आधार बनाया गया, लेकिन उसी नियम के तहत टोल पर कोई व्यवस्था ढंगी की व्यवस्था नहीं है. अव्यवस्था को लेकर छावनी परिषद कमेटी की रिपोर्ट को भी अनदेखी की गई है.
टोल पर कोई व्यवस्था ढंगी की व्यवस्था नहीं

मेरठ. मेरठ में छावनी परिषद ने नेशनल हाइवे की शर्त पर दो महीने के लिए टोल बढ़ा दिए हैं. इसमें ठेकेदार की ओर से नेशनल हाइवे के नियम को आधार बनाया गया, लेकिन उसी नियम के तहत टोल पर कोई व्यवस्था ढंगी की व्यवस्था नहीं है. अव्यवस्था को लेकर छावनी परिषद कमेटी की रिपोर्ट को भी अनदेखी की गई है. लेकिन लोगों की अव्यवस्थित तरीके से आवाजाही के कारण कभी भी वहां पर हादसा हो सकता है. पिछले साल दिल्ली रोड, मवाना रोड, रुड़की रोड के टोल को लेकर जब विरोध किया गया. तो एडम कमांडेंट की अध्यक्षता में छावनी परिषद ने कमेटी बनाई थी. इसमें एडीएम सिटी व वार्ड सदस्य अनिल जैन शामिल रहे.

कमेटी ने टोल को देखने के बाद वहां कई तरह की व्यवस्था करने को कहा था, जिससे जाम और हादसे की स्थिति ना बन पाए. इसकी व्यवस्था आज तक नहीं हो पाई है. वहीं, ठेकेदार ने नेशनल हाइवे के नियम के आधार पर लाकडाउन के समय की अवधि का ठेका बढ़ा लिया, लेकिन हाइवे के टोल नियमों को ठेंगे पर रखा हुआ है. जहां से टोल लिया जा रहा है वहां सड़क चौड़ी होनी चाहिए, व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग लेन और अन्य वाहनों के लिए अलग लेन बनाई जानी चाहिए. सड़क पर सही तरीके से बैरियर भी लगने चाहिए. लेकिन छावनी के किसी टोल पर यह नहीं है. ऐसे में यहां पर किसी भी वक्त घटना की आशंका बनी हुई है.

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एडीएम सिटी अजय तिवारी जिला प्रशासन की ओर से टोल को गलत ठहरा चुके हैं. दो महीने टोल की अवधि बढ़ाने का भी विरोध कर चुके हैं. इसके बाद भी जिला प्रशासन सख्ती नहीं कर पा रहा है.उधर, कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी का कहना है कि वे जल्द ही इस मामले को लेकर सीईओ से मिलेंगे.

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