पश्चिमी यूपी में क्राइम कंट्रोल के लिए DGP का आदेश, सिपाही और हेड कांस्टेबल भी कर सकेंगे शिकायतों की जांच

Smart News Team, Last updated: Tue, 24th Aug 2021, 4:15 PM IST
  • उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस के लिए नया आदेश जारी किया है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अब कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल भी शिकायतों और मुकदमों की जांच कर पाएंगे. अब किसी भी छोटे मामले की जांच करने के लिए दरोगा की आवश्यकता जरुरी नहीं होगी.
पश्चिमी यूपी में सिपाही और हेड कांस्टेबल भी कर सकेंगे छोटे मामलों की जांच. (फाइल फोटो)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के डीजीपी मुकुल गोयल ने मेरठ में समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला लिया है. यूपी डीजीपी ने आदेश जारी किया है की किसी भी छोटे मामले में शिकायत या जांच अब वेस्ट यूपी में सिपाही व हेड कांस्टेबल भी कर सकेंगे. अब अगर दरोगा मौजूद नहीं है तो सिपाही अपने क्षेत्र से संबंधित मामलों की जांच कर सकते हैं. डीजीपी मुकुल गोयल ने लंबे समय से लंबित पड़े मामलों को लेकर यह फैसला दिया है. इससे पहले हर छोटे बड़े मामले की जांच दरोगा ही करते थे. लेकिन डीजीपी के आदेश के बाद यह नया प्रयोग पुलिस को काफी बेहतर रिजल्ट दे सकता है.

हाल में कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल ने मेरठ में पुलिस अधिकारीयों के साथ समीक्षा बैठक की थी. बैठक में डीजीपी ने बड़ा फैसला लेते हुए सिपाही और हेड कांस्टेबल को जांच का अधिकार देने के संबंध में आदेश जारी किया है. डीजीपी ने आदेश जारी करते हुए कहा है की बीट के सिपाही अपने क्षेत्रों को बेहतर जानते हैं इस लिहाज से उन्हें शिकायतों की जांच से जल्द ही मामलों का निपटारा किया जा सकेगा. इससे पुलिस अधिकारीयों के ऊपर दबाव भी कम होगा. 

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डीजीपी ने कहा है की अगर बीट कांस्टेबल या हेड कांस्टेबल के क्षेत्र में कोई भी बड़ा क्राइम होता है तो उसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी. डीजीपी ने अधिकारीयों को आदेश जारी करते हुए जल्द ही प्रिक्रिया को अमल में लाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही डीजीपी ने साइबर क्राइम पर लगाम कसने के लिए विभाग में मौजूद बीटेक व एमटेक पुलिसकर्मियों को चिन्हित करने के आदेश दिए हैं. इन पुलिसकर्मियों को चिन्हित करने के बाद साइबर टीम में शामिल किया जायेगा. जिससे की साइबर अपराधों पर लगाम लागाई जा सके.

 

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