बरेली की बड़ी नमकीन फैक्ट्री पर मेरठ DGGI टीम का छापा, ऐसे हो रही थी करोड़ों की टैक्स चोरी

Nawab Ali, Last updated: Thu, 2nd Sep 2021, 8:02 PM IST
  • मेरठ डीजीजीआई टीम ने बरेली की प्रसिद्ध एके नमकीन प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री पर छापेमारी की है. डीजीजीआई ने कंपनी द्वारा पांच करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी का खुलासा किया है. डीजीजीआई की टीम ने मौके पर ही जीएसटी चोरी का चालान कर कंपनी से 2 करोड़ रूपये भुगतान कराया.
बरेली की एके नमकीन द्वारा करोड़ों की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है. (फाइल फोटो)

मेरठ. उत्तर प्रदेश्ह मेरठ की डीजीजीआई टीम ने बरेली की प्रसिद्ध एके नमकीन फैक्ट्री पर छापेमारी की है. डीजीजीआई टीम ने छापेमारी में करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा किया है. डीजीजीआई टीम को सर्च अभियान में कंपनी द्वारा नकीम के प्रोडक्ट में हेराफेरी कर टैक्स चोरी करते हुए पाया. डीजीजीआई टीम के मुताबिक एके कंपनी नमकीन प्रोडक्ट में हेराफेरी कर पांच करोड़ से अधिक की जीएसटी टैक्स चोरी कर रही थी. डीजीजीआई टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए कंपनी से दो करोड़ रूपये जीएसटी चालान का भुगतान करवाया.

मेरठ की गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंटस महानिदेशालय की टीम को बरेली की नमकीन कंपनी द्वारा जीएसटी टैक्स चोरी करने की सूचना मिली थी. जिसके बाद डीजीजीआई टीम ने बरेली स्थित फेमस एके नमकीन प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी की. डीजीजीआई टीम ने छापेमारी कके दौरान सर्च अभियान में पाया कि कंपनी द्वारा कंपनी द्वारा अपने फिनिश्ड उत्पाद यानि नमकीन को गलत वर्ग में वर्गीकृत करके कम जीएसटी का भुगतान किया जा रहा है. इस कारण कंपनी पांच करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी करती हुई पाई गई. 

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सरकार द्वारा नमकीन पर 5 फीसदी व 12 फीसदी जीएसटी टैक्स वसूला जाता है जिसमें अनब्रांडेड और ब्रांडेड नमकीन की दरें शामिल है. कंपनी द्वारा हेराफेरी कर नमकीन की जीएसटी दर पांच फीसदी में दिखाई जा रही थी. डीजीजीआई टीम ने कंपनी पांच करोड़ से अधिक की चोरी करते हुए पकड़ा. एके नमकीन फैक्ट्री द्वारा डीजीजीआई टीम ने दो करोड़ रूपये जीएसटी चालान मौके पर ही भुगतान कराया. डीजीजीआई अधिकारीयों का कहना है की कई कंपनियां इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं जिनको रडार आर लेकर जल्द कार्रवाई की जाएगी.

 

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