मेरठ : आधार में पहचान संबंधी गड़बड़ियां ठीक कराने उमड़ी भीड़

Smart News Team, Last updated: Sat, 28th Nov 2020, 4:51 PM IST
  • मेरठ और बागपत के 39 डाकघरो मे शिविर लगाकर आधर कार्ड के त्रुटियों को ठीक किया गया, शिविर में भीड़ बढ़ने से हुई धक्का मुक्की, लोगों ने नहीं रखा सामाजिक दूरी का ध्यान, आधार बनाने मे सुरक्षा और गोपनीयता बरकरार रखने के लिए 2018 सितंबर से पोस्ट ऑफिस में ही बनाए जाते है आधार कार्ड
सभी स्कूलों में हुआ आधार कार्ड अनिवार्य

मेरठ: लॉकडाउन खत्म होने के बाद पहली बार आधर कार्ड में पहचान संबंधी हुई गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए शनिवार को मेरठ और बागपत जिले के 39 डाकघरों में विशेष शिविर आयोजित किया गया. इनमें बच्चों से लेकर बड़े तक आधार कार्डों में त्रुटियां ठीक कराने पहुंचे. हालांकि इस दौरान कई डाकघरों में भीड़ बढ़ने से धक्का-मुक्की होती रही. और सामाजिक दूरी का पालन नहीं हुआ. सिटी और कैंट डाकघरों में शिविरों का शुभारंभ प्रवर अधीक्षक डाक वीर सिंह ने कराया. सिटी डाकघर में सीनियर पोस्ट मास्टर हरीश गोम्बर तथा डिप्टी पोस्ट मास्टर रतन सिंह स्टाफ के साथ मौजूद रहे. कैंट डाकघर में सीनियर पोस्ट मास्टर जेएल शर्मा ने स्टाफ के साथ शिविर में आधार कार्ड में त्रुटियों को ठीक कराया.

कैंट और सिटी प्रधान डाकघर के साथ ही बड़ौत डाकघर में दो-दो मशीनों पर आधार संबंधी कार्य किया गया. प्रवर अधीक्षक डाक वीर सिंह ने शिविरों में जाकर निरीक्षण किया. हालांकि मेरठ और बागपत जिले के 39 डाकघरों में आधार कार्ड संबंधी कार्यों के लिए भीड़ रही. इसमें कोरोना से बचाव और सोशल डिस्टेसिंग का नियमों का पालन नहीं हो पाया. डाक अधिकारियों ने लोगों से लगातार अपील भी की, लेकिन भीड़ और लंबी लाइन में लोग आपस में ही धक्का-मुक्की करते रहे.

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गौरतलब है कि सीएससी या अन्य कंपनियों के सेंटरों पर आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही थी. लेकिन 2018 एक सितंबर से यह व्यवस्था बदल गई है. अब केवल सरकारी कार्यालयों में ही आधार कार्ड बनाने का काम होता. अब इसे और गोपनीय बनाने की कवायद शुरू कर दी है. इस कड़ी में सरकार ने डाकघर को जिम्मेदारी सौंपी है. डाकघरों में आधार कार्ड बनाने और उसमें सुधार निशुल्क किया जाएगा.

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