जितेंद्र नारायण सिंह बने वसीम रिजवी वक्फ बोर्ड की बैठक में लेना चाहते हैं हिस्सा

Atul Gupta, Last updated: Mon, 13th Dec 2021, 9:04 PM IST
  • जितेंद्र नारायण सिंह बने वसीम रिजवी ने शिया वक्फ बोर्ड की बैठक में हिस्सा लेने की इच्छा जताई है. जितेंद्र नारायण सिंह अब भी शिया वक्फ बोर्ड के सदस्य हैं. उन्होंने अपनी जान का खतरा बताते हुए सिक्योरिटी भी मांगी है.
वसीम रिजवी से जितेंद्र नारायण सिंह (फोटो- सोशल मीडिया)

मेरठ: हाल ही में डासना के डासना के डासना देवी मंदिर में धर्म परिवर्तन करा जितेंद्र नारायण सिंह बने वसीम रिजवी ने यूपी शिया वक्फ बोर्ड (Shia Waqf Board) की बैठक में शामिल होने की इच्छा जताई है. यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन होने के नाते जितेंद्र नारायण सिंह अब भी बोर्ड के सदस्य हैं. यूपी के पत्रतकार नदीम के मुताबिक जितेंद्र नारायण सिंह का यूपी शिया वक्फ बोर्ड की बैठक में हिस्सा लेने के पीछे तर्क ये है कि वो अपना इस्तीफा बैठक में देना चाहते हैं. जितेंद्र नारायण सिंह ने प्रशासन से अपने लिए फोर्स मांगी है. उनका कहना है कि बैठक में उनपर जानलेवा हमला हो सकता है. मुरादाबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता ने जितेंद्र नारायण सिंह बने वसीम रिजवी को जूता मारने वाले को 11 लाख रूपये नगद इनाम देने की घोषणा की है.

वहीं तेलंगाना के कांग्रेस नेता फिरोज खान ने वसीम रिजवी का सिर काटने पर पचास लाख रूपये का इनाम रखा है. वसीम रिजवी लगातार मुसलमान और मुस्लिम धर्म गुरूओं पर कड़ी टिप्पणी करते रहे हैं. पिछले दिनों वसीम रिजवी को डासना के डासना देवी मंदिर में महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने हिंदू धर्म में अपनाया था. पूरे विधि विधान के साथ हिंदू बने वसीम रिजवी को यति नरसिंहानंद सरस्वी ने नया नाम दिया था जितेंद्र नारायण सिंह.

गौरतलब है कि वसीम रिजवी के हिंदू बनने का विवाद खत्म नहीं हुआ था कि पिछले दिनों फिल्म निर्माता अली अकबर ने भी हिंदू धर्म अपनाने की घोषणा कर दी. अली अकबर का नया नाम राम सिम्हन होगा. अली अकबर का भी कहना है कि वो अपने धर्म से नाराज थे. अली अकबर ने अपने हिंदू बनने की घटना को राष्ट्र से जोड़ते हुए कहा कि सीडीएस विपिन रावत की मौत का मुसलमानों द्वारा मजाक बनाना उन्हें पसंद नहीं आया.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें