DM से लेकर CMO के दफ्तर रेड़ी पर इलाज की भीख मांगने वाली महिला निकली गैंगस्टर

Smart News Team, Last updated: 01/11/2020 07:27 AM IST
  • मेरठ में मलिन बस्ती में रहने वाली महिला एक फरार गैंगस्टर निकली. जिसके बाद पुलिस ने उसे उसके भाई के साथ गिरफ्तार कर लिया है.
गैंगस्टर महिला ठेले पर लेटे हुए

मेरठ: मेरठ में एक बीमार वृद्ध महिला की सच्चाई सामने आती ही इलाके में सनसनी फैल गई. महिला कई दिनों से ठेले पर लेटकर घूमती रही. कभी डीएम तो कभी सीएमओ कार्यालय जा कर कहती- कोई मेरा इलाज करा दो. लेकिन अब पता चला है कि वह महिला एक वांडेट गैंगस्टर है. उसके खिलाफ सहारनपुर में ठगी और ब्लैकमेलिंग के कई मुकदमे दर्ज हैं. बताया जा रहा है कि सहारनपुर से भागकर वह मेरठ की झुग्गी-झोपड़ी में वेश बदलकर रह रही थी. फिलहाल सहारनपुर पुलिस ने महिला और उसके भाई को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस के का कहना है कि गिरफ्तार महिला का नाम ऊषा लूथरा है. वह सहारनपुर नगर कोतवाली क्षेत्र के केशवनगर की रहने वाली है. महिला पर पुलिस ने 31 जुलाई 2020 को गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी. जिसके बाद से वह फरार चल रही थी. यही नहीं गैंगस्टर ऊषा और उसके भाई हीरालाल लूथरा के खिलाफ सहारनपुर नगर कोतवाली में तीन व थाना मंडी में दो मुकदमे दर्ज हैं. इस वक्त दोनों भाई बहन मेरठ में गढ़ रोड पर आनंद हॉस्पिटल के पीछे झुग्गी-झोपड़ी में एक विक्षिप्त की तरह रह रहे थे. पहचान होने के बाद जब सहारनपुर पुलिस ने जब ऊषा लूथरा को गिरफ्तार किया तो उसके बाल बिखरे हुए थे. ठीक से बोला भी नहीं पा रही थी.

त्योहारों के कारण अधिकारियों की छुट्टियों पर लगी रोक, प्रमुख सचिव ने दिए निर्देश

जानकारी के अनुसार मेरठ में फरारी के दौरान इस महिला गैंगस्टर का कूल्हा टूट गया. वह कई बार ठेले पर लेटकर अपने भाई के साथ डीएम कार्यालय पर आई. डीएम कार्यालय से उसे सीएमओ कार्यालय भेज दिया गया. उसका इलाज बागपत रोड पर केएमसी हॉस्पिटल में चला. यहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया. वहां पता चला कि उसको ब्रेस्ट केंसर है. दिल्ली से उसे दवाई देकर पुन: मेरठ भेज दिया. फिलहाल वह बेहतर इलाज के लिए आए दिन कलक्ट्रेट आ जाती थी लेकिन यह महिला गैंगस्टर है इस बात की किसी को जानकारी नहीं थी.

मेरठ:पोस्ट ऑफिस पर आधार कार्ड अपडेट कराने को जुटी भीड़, सोशल डिस्टेसिंग भूले लोग

इसके साथ ही पुलिस के अलावा खुफिया एजेंसियां कितनी सक्रिय हैं इसका पता इस केस से चलता है. तीन माह से गैंगस्टर भाई बहन वेश बदलकर मेरठ की झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे थे. यही नहीं वह बराबर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे. एक भी बार किसी ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें