12 Jyotirling: इन स्थानों पर विराजमान शिव के दर्शन करने से दूर होंगे सभी कष्ट

Smart News Team, Last updated: Thu, 1st Jul 2021, 7:18 PM IST
  • सावन का महीना विशेष रुप से शिव जी को समर्पित होता है. जल्द ही सावन की शुरूआत होने वाली है. ऐसे में इन 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करके आप अपने सभी कष्टों को दूर कर सकते हैं.
12 ज्योतिर्लिंग

जल्द ही सावन महीने की शुरुआत होने जा रही है. इस महीने को पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित ही माना जाता है. भगवान शिव की विशेष तरीके से सावन के महीने में पूजा अर्चना होती है. वैसे तो भक्तों का तांता सालभर शिव के धामों में लगा ही रहता है, लेकिन भक्तों की संख्या शिव के पाव धामों पर सावन के महीने में कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है. धार्मिक मान्यताओं पर गौर करें तो 12 ज्योतिर्लिंग हैं शिव के, जो देश के अलग- अलग हिस्सों में स्थापित हो रखे हैं. ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव खुद यहां विराजमान रहते हैं. साथ ही ये भी कहा जाता है कि जो इन ज्योतिर्लिंग के दर्शन करता है वो व्यक्ति अपने पापों से मुक्त हो जाता है, और जब उसकी मृत्यु होती है तो मोक्ष की प्राप्ति होती है. आइए आपको बताते हैं भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग देश के कौन-कौन से कोने में स्थित है.

पहला ज्योतिर्लिंग- ऐसी धार्मिक मान्यता है कि गुजरात के सौराष्ट्र में पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग स्थापित है. इसे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के नाम से भी जाना जाता है.

दूसरा ज्योतिर्लिंग- आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल पर्वत पर दूसरा ज्योतिर्लिंग स्थापित है. इसे मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के नाम से पुकारा जाता है.

तीसरा-ज्योतिर्लिंग- मध्य प्रदेश के उज्जैन में तीसरा ज्योतिर्लिंग स्थापित है. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से इसे जाना जाता है. इतना ही नहीं विशेष महत्व भी है इसका. यही एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है.

चौथा ज्योतिर्लिंग- मध्य प्रदेश के मालवा में चौथा ज्योतिर्लिंग स्थापित है, जो नर्मदा नदी के पास है. जिसे ओंकारेश्वर के नाम से जानते हैं.पहाड़ी के चारो ओर इस स्थान पर नदी बहती है, जिससे ऊं का आकार बन जाता है.

पाचवां ज्योतिर्लिंग- झारखंड में पाचवां ज्योतिर्लिंग स्थापित है, जिसे वैद्यनाथ के नाम से जाना जाता है.

छठा ज्योतिर्लिंग- महाराष्ट्र के पुणे जिले में सह्माद्रि पर्वत पर छठा ज्योतिर्लिंग स्थापित है. जिसे भीमशंकर के नाम से जाना जाता है. 

सातवां ज्योतिर्लिंग- तमिलनाडु के रामनाथम में सातवां ज्योतिर्लिंग स्थित है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि स्वयं भगवान श्री राम ने इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी. इसे रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है.

आठवां ज्योतिर्लिंग- गुजरात में बड़ौदा क्षेत्र में गोमती द्वारका के पास आठवां ज्योतिर्लिंग स्थापित है. जिसे नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है. 

नवां ज्योतिर्लिंग- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ये ज्योतिर्लिंग स्थापित है, जिसे बाबा विश्वनाथ के नाम से जाना जाता है.

दसवां ज्योतिर्लिंग- महाराष्ट्र के नासिक जिले में दसवां ज्योतिर्लिंग स्थित है. इसे त्र्यंबकेश्वर के नाम से जाना जाता है.

ग्यारहवां ज्योतिर्लिंग- ये उत्तराखंड में स्थित है जिसे केदारनाथ के नाम से जाना जाता है. केदार नामक चोटी पर ये ज्योतिर्लिंग स्थित है. समुद्र तल से 3584 मीटर की ऊंचाई पर केदरानाथ ज्योतिर्लिंग स्थित है.

बारहवां ज्योतिर्लिंग- ये महाराष्ट्र में स्थित है, इसे घुश्मेश्वर के नाम से जाना जाता है. जिस स्थान पर ये स्थित है उसे शिवालय कहा जाता है.

 

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