कोरोना का दंश, मेरठ मेडिकल के ICU में तेजी से बढ़ रहा है मरने वालों का आंकड़ा

Smart News Team, Last updated: Sat, 26th Sep 2020, 5:08 PM IST
  • मेरठ में सितंबर में आइसीयू में मौत की दर 64 फीसद तक पहुंच गई. मेरठ मंडलायुक्त अनीता मेश्राम व मेरठ जिलाधिकारी के. बालाजी ने मरीजों की डेथ आडिट के लिए कहा है, वहीं प्राचार्य, मेडिकल कालेज मेरठ कहा कहना है कि मरीजों की मौतों का विश्लेषण किया गया है.
मेरठ मेडिकल कालेज

मेरठ। कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार मेरठ में बढ़ता ही जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद भी मेरठ में दिन प्रतिदिन मौतों का आंकड़ा चौंकाने वाला होता जा रहा है. वहीं प्रदेश सरकार की पैनी नजर के बावजूद भी मेरठ मेडिकल कालेज की रिपोर्ट चौकाने वाली हैं. वेस्ट यूपी के सबसे बड़े एल-3 केंद्र में बड़ी संख्या में कोविड मरीजों की मौतों ने शासन को चिंतित कर दिया है. सितंबर में आइसीयू में मौत की दर 64 प्रतिशत तक पहुंच गई. पड़ोसी जिलों से रेफर मरीज आइसीयू में सीधे भर्ती किए जा रहे हैं. सीएम के निर्देश पर विशेषज्ञों ने मरीजों की डेथ रिपोर्ट का आंकलन शुरू किया गया. जिसमे पता चला कि मरीजों को देरी से भर्ती किया गया था.

दरअसल वायरस में खतरनाक म्यूटेशन की भी आशंका है. 24 सितंबर तक आइसीयू में भर्ती 196 मरीजों से 126 की मौत हो गई. 24 तारीख तक 126 मरीजों की जान चली गई है, मेडिकल कालेज में जून माह में 98 कोविड मरीजों की मौत हुई थी. लेकिन सितंबर में 24 तारीख तक126 मरीजों की जान जा चुकी है.

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प्राचार्य डा. ज्ञानेंद्र सिंह ने डाक्टरों के साथ कारणों की जानकारी जुटाई तो पता चला कि मेरठ और अन्य जिलों से लगभग समान संख्या में मरीज कोविड वार्ड में भर्ती हुए. कोरोना से मरने वालों में से 70 % मरीज निजी अस्पतालों में इलाज लेने के बाद मेडिकल कालेज पहुंचे थे. इन मरीजों में साइटोकाइन स्टार्म के भरपूर लक्षण थे. तेज निमोनिया के साथ ही 95 फीसद मरीजों के शरीर में आक्सीजन मानक से कम थी

हाल ही में मेरठ मंडलायुक्त अनीता मेश्राम व मेरठ जिलाधिकारी के. बालाजी ने मरीजों की डेथ आडिट के लिए कहा है. वहीं प्राचार्य, मेडिकल कालेज मेरठ डा. ज्ञानेंद्र सिंह की माने तो मेडिकल कालेज एल-3 केंद्र है, जहां आसपास के जिलों से रेफर केस आते हैं. मरीजों की मौतों का विश्लेषण किया गया है. आइसोलेशन से बेहद कम मरीज आइसीयू में पहुंचे. लेकिन निजी अस्पतालों में देरी तक इलाज कराने के बाद जो मरीज डायरेक्ट आइसीयू में भर्ती किए गए.उनमें मौतों की दर बहुत ज्यादा है.मेडिकल टीम हर स्तर पर सतर्क है .

ये है सभी आंकड़े ----

एक से पांच सितंबर तक- आइसोलेशन में- 72 मरीज, आइसीयू में-17

15 से 19 सितंबर- आइसोलेशन में- 47 मरीज, आइसीयू में 49

19 से 23 सितंबर- आइसालेशन में- 54 मरीज, आइसीयू में 47

एक से 12 सितंबर तक- 84 मरीज आइसीयू में, 56 की मौत

13 से 24 सितंबर तक- 112 मरीज आइसीयू में, 70 की मौत

मेडिकल कालेज में 24 सितंबर तक की स्थिति

1645 मरीज अब तक भर्ती

624 मरीज आक्सीजन पर

494 मरीज आइसीयू में भर्ती

347 मरीज वेंटीलेटर पर अब तक

361 मरीजों की मौत- 21.94 फीसदी

 

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