डीएम ने आयोजकों को दिए सख्त आदेश, नवरात्र में देवी की अराधना का बदलेगा स्वरूप

Smart News Team, Last updated: 15/10/2020 11:43 PM IST
  • कोरोनावायरस के मद्देनजर इस साल की नवरात्रि हर बार से काफी अलग होगी. हाल ही में मेरठ के डीएम ने आदेश दिए हैं कि इस बार सार्वजनिक स्थानों पर देवी की मूर्तियां नहीं रखी जा सकेंगी. इसके साथ ही डीएम ने किए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
जिलाधिकारी के. बालाजी ने कहा कि सार्वजनिक रूप से सड़कों और चौराहों पर कोई मूर्ति नहीं रखी जाएगी

मेरठ: कोरोनावायरस के मद्देनजर इस साल की नवरात्रि हर बार से काफी अलग होगी. हाल ही में मेरठ के डीएम ने आदेश दिए हैं कि इस बार सार्वजनिक स्थानों पर देवी की मूर्तियां नहीं रखी जा सकेंगी. इसको लेकर जिलाधिकारी के. बालाजी ने कहा कि सार्वजनिक रूप से सड़कों और चौराहों पर कोई मूर्ति नहीं रखी जाएगी और न ही कोई आयोजन होगा. वहीं, प्रशासन की ओर से यह आदेश दिया गया है कि पंडाल सड़क से हट कर लगाए जा सकते हैं. पंडाल का साइज शासन द्वारा तय किया गया है. इसके तहत 15*15 के पंडाल लगाए जा सकते हैं. खुली जगह पर एक समय में100 से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे. कैंपस या बंद परिसर में अधिकतम 200 लोग रह सकेंगे. पांच फीट की ऊंची तथा पांच फीट तक की चौड़ी दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति होगी.

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वहीं, मूर्ति विसर्जन के लिए छोटी गाड़ी यानी टाटा मैजिक का इस्तेमाल किया जा सकेगा. मूर्ति विसर्जन में अधिकतम 10 लोग शामिल होंगे. न डीजे बजेंगे, ना ही रंग खेला जा सकेगा. वहीं, नाच-गाना प्रतिबंधित रहेगा. डीएम ने कहा कि मंदिर समितियों को पंडाल में प्रवेश और निकास की व्यवस्था अलग-अलग करना होगा. मंदिर के चारों ओर से खुला नहीं होना चाहिए. प्रवेश द्वार पर स्कैनर से जांच करके ही अंदर जाने की छूट दी जाए. इसके साथ ही किसी बीमार व्यक्ति को प्रवेश न दिया जाए.

जिलाधिकारी ने सभी समितियों के पदाधिकारियों को कहा गया कि कल तक संबंधित थाने पर मूर्ति, कलश स्थापना का स्थल, क्षमता, विसर्जन की तिथि आदि की सूचना संबंधित थाने को लिखित रूप से उपलब्ध करा दें. वहीं, समितियों को पंडाल में भीड़ नियंत्रित करने को वालंटियर रखना होगा. वालंटियर नेम प्लेट लगाकर ही सेवा देंगे. जिलाधिाकरी ने यह भी कहा कि पंडाल में लाउडस्पीकर पर भजन संगीत के अलावा कोरोना से बचाव हेतु प्रसारण भी किया जाएगा. सार्वजनिक रूप से भोज आदि का कोई आयोजन प्रतिबंधित है. प्रसाद का वितरण पैकेट में किया जाएगा. कन्या भोजन केवल नौ लोगों से अधिक न कराएं.

 

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