वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि, हवा में जानवरों को ट्रैक करने वाला DNA मौजूद

Smart News Team, Last updated: Thu, 13th Jan 2022, 9:06 AM IST
  • किसी चिड़ियाघर की आबोहवा में जानवरों तक पहुंचने और उनकी पहचान करने के लिए प्राप्त डीएनए होता है. यह खोज जैविक विविधता को ट्रैक करने के लिए एक बहुमूल्य और गैर आक्रमक उपकरण साबित हो सकती है. यह अध्ययन 'करेंट बायोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित है.
वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि, हवा में जानवरों को ट्रैक करने वाला DNA मौजूद

डीएनए स्टडी में शोधकर्ताओं ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. पहली बार हवा से जानवर का डीएनए एकत्रित किया गया है. एक पत्रिका में प्रकाशित शोध में यह दावा किया गया. शोध में पाया गया है कि किसी चिड़ियाघर की आबोहवा में जानवरों तक पहुंचने और उनकी पहचान करने के लिए प्राप्त डीएनए होता है. यह खोज जैविक विविधता को ट्रैक करने के लिए एक बहुमूल्य और गैर आक्रमक उपकरण साबित हो सकती है. यह अध्ययन 'करेंट बायोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित है. यूनिवर्सिटी आफ कोपनहेगन की टीम की प्रमुख एवं अनुसंधानकर्ता क्रिस्टीन बोहमन ने कि पर्यावरण में मौजूद डीएनए की पकड़ ने हमारे लिए उन जानवरों तक पहुंचाना संभव बना दिया है.

इस शोध का उद्देशय हवा में मौजूद डीएनए की जांच से गुफा या स्थान विशेष में मौजूद जानवरों की प्रजातियों की जानकारी हासिल करना था. लुप्त प्रजातियों का अध्ययन करने में भी यह शोध मददगार साबित होगा. अध्ययन के अनुसार मनुष्य व अन्य सजीव जीव पर्यावरण में पर्यावरण डीएनए या ईडीएनए छोड़ते है. किसी प्रजाति विशेष का अध्ययन करने के लिए पानी से ईडीएनए जुटाना आम है. इस शोध में हवा से ऐसा करना भी संभव हो गया है.

जानवरों को खोजने का आसान तरीका खोजा

शोधकर्ताओं के मुताबिक हमारे अध्ययन के नतीजे स्थलीय कशेरुकियों के संरक्षण के लिए एयरबोर्न ईडीएनए की एक बड़ी क्षमता का संकेत देते हैं. आमतौर पर, जीवविज्ञानी जानवरों को व्यक्तिगत रूप से या जानवरों के पैरों के निशान या मल से डीएनए उठाकर देखते हैं, लेकिन हवा से डीएनए हासिल कर जानवरों को खोजने का तरीका आसान कर दिया है.

कीड़ों के डीएनए को भी कर सकता है कैप्चर

यह पशु समुदायों की संरचना को समझने और गैर-देशी प्रजातियों के प्रसार का पता लगाने में मदद कर सकती है. कुछ परिवर्तनों के बाद लुप्तप्राय प्रजातियों की निगरानी हेतु यह विधि मौजूदा तकनीकों के साथ बेहतर काम करेगी. आमतौर पर जीवविज्ञानी जानवरों को व्यक्तिगत रूप से या जानवरों के पैरों के निशान या मल से डीएनए प्राप्त कर उसका विश्लेषण करते हैं, जिसके कारण व्यापक स्तर पर फील्डवर्क की आवश्यकता होती है. डीएनए प्राप्त करने हेतु जानवरों को खोजना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर अगर वे दुर्गम आवासों में रहते हैं. यह लंबी दूरी के प्रवासी पक्षियों और अन्य पक्षियों के उड़ने के पैटर्न को ट्रैक करने में सहायता कर सकता है. यह कीड़ों सहित छोटे जानवरों के डीएनए को भी कैप्चर कर सकता है.

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