रांची: गो पूजा से जुड़ा पर्व गोपाष्टमी महोत्सव 22 नवंबर से, तैयारियां शुरू

Smart News Team, Last updated: Mon, 9th Nov 2020, 4:58 PM IST
  • गोपाष्टमी मनाने को लेकर गोशाला कार्यसमिति की बैठक हुई. इसमें महोत्सव की तैयारियों को लेकर रूपरेखा बनाई गई और सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही इस महोत्सवा को मनाने का निर्णय लिया गया है.
गोपाष्टमी पर्व की तैयारियों को लेकर कार्यसमिति की बैठक हुई

रांची. कोविड-19 के चलते इस बार गोपूजा से जुड़ा पर्व गोपाष्टमी महोत्सव इस बार 22 नवंबर को मनाया जाएगा. रांची गोशाला कार्यसमिति की बैठक में सरकार के दिशा निर्देश पर इस बारे में फैसला लिया गया. बैठक में महोत्सव के लिए बनाई गई कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से मुख्य संयोजक सज्जन सर्राफ व संयोजक अरुण बुधिया, प्रदीप राजगढ़यिा, राजेंद्र बंसल व प्रमोद सारस्वत को बनाया गया है और महोत्सव की रूपरेखा की तैयारी के लिए चर्चा की गई. गौर हो कि इस समय गौशाला के ट्रस्टी ज्ञान प्रकाश बुधिया, शत्रुघ्न लाल गुप्ता, ओम प्रकाश छापडिय़ा, ज्ञान प्रकाश जालान, रतन जालान, हरिकिशन बजाज, प्रकाश चंद्र सेठी, किशन लाल चौधरी, राजकुमार टिबड़ेवाल, राम रतन सर्राफ हैं.

गोपाष्टमी की तैयारियों को लेकर मुख्य संयोजक सज्जन सर्राफ ने रांची के सभी गो प्रेमियों से आग्रह किया है कि इस पावन पर्व पर गायों के चारे व खानपान के लिए ज्यादा से ज्यादा दान देकर पुण्य के भागी बनें. उन्होंने कहा कि रांची में करीब 117 वर्ष से गोपाष्टमी की पूजा धूमधाम से की जा रही है. कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी को गोपाष्टमी का आयोजन किया जाता है.कोविड-19 को देखते हुए महोत्सव कमेटी के सदस्य सदर अनुमंडल पदाधिकारी से मुलाकात कर महोत्सव की रूपरेखा के बारे में जानकारी देंगे.

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उल्लेखनीय है कि गोपाष्टमी गोपूजा से जुड़ा पर्व है. इस दिन गौ की पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने इस दिन से गौ चराना शुरू किया था. इस दिन गौ और उनके बछड़ों का श्रृंगार किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि गौ के शरीर में सारे देवताओं का वास होता है, इसलिए इनके पूजन से सभी देवता कार्तिक मास में प्रसन्न होते हैं. आज बैठक में इस महोत्सव को मनाने संबंधी रूपरेखा तैयार कर ली गई है.

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