आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि इस दिन से शुरू, जानें शुभ महूर्त और सामग्री लिस्ट

Smart News Team, Last updated: Fri, 2nd Jul 2021, 2:13 PM IST
  • आषाढ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपद को आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरूआत होती है. ऐसे में जल्द ही गुप्त नवरात्रि की शुरूआत होने वाली है. आइए जानते हैं इसके मुहूर्त और सामग्री लिस्ट के बारे में.
आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि हमेशा ही आषाढ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपद से ही शुरू होते हैं. इस बार 11 जुलाई से गुप्त नवरात्रि की शुरूआत होगी और 18 जुलाई को समापन हो जाएगी. जैसे चैत्र और शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है वैसे ही गुप्त नवरात्रि में भी की जाती है.  बता दें मां कालिके, मां तारा देवी, मां त्रिपूर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, माता चित्रमस्ता, मां त्रिपूर भैरवी, मां धूम्रवती, माता बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला देवी की पूजा गुप्त नवरात्रि में की जाती है. 

घट स्थापना करने के लिए गुप्त नवरात्रि में शुभ मुहूर्त

11 जुलाई 2021 यानी रविवार के दिन आषाढ़ महीने के मुप्त नवरात्रि के लिए घटस्थापना की जाएगी. इसके लिए शुभ मुहूर्त 05 बजकर 31 मिनट से सुबह 07 बजकर 47 मिनट तक ही रहेगा. महज 02 घंटे 16 मिनट का समय ही इस साल घट स्थापना के लिए मिलेगा.

कब से लगेगी प्रतिपदा तिथि

10 जुलाई को सुबह 07 बजकर 47 मिनट से प्रतिपदा तिथि की शुरूआत हो जाएगी जो सुबह 07 बजकर 47 मिनट 11 जुलाई तक रहेगी. तो वहीं सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक घटस्थापना का अभिजीत मुहूर्त रहने वाला है. 

गुप्त नवरात्रि में इस सामग्री का होता है प्रयोग

गंगाजल, सरसों सफेद और पीली, दूध, ऋतुफल, श्वेत वस्त्र, दही, रेत, मिट्टी, हवन सामग्री, पूजन के लिए थाली, आसन, पीतल या मिट्टी का कलश, नारियल, लौंग इलायची, पान, जावित्री, जायफल, मधु, शक्कर, पंचमेवा, जौ, नैवेद्य, दीपक, दीपबत्ती, बंदनवार, कमलगट्टा, आसन, चौकी, रोली, मौली, पुष्पहार, बेलपत्र, हल्दी की गांठ और पिसी हुई हल्दी, पटरा, मेहंदी बिंदी, सुपारी साबुत, तेल बंदनवार आम के पत्तों का, सुगंधित तेल, कंगन-चूड़ी, दर्पण, वस्त्र, धूप, जौ, कपूर, केसर, सिंदूर, मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र.

गुप्त नवरात्रि पूजा विधि

ऐसा कहा जाता है कि तांत्रिक और अघोरी गुप्त नवरात्री के दौरान आधी रात को मां दुर्गा की पूजा करते हैं. वो लोग इस दिन मां दुर्गा की प्रतिमा या मूर्ति की स्थापना करते हैं. लाल रंग का सिंदूर और सुनहरे गोटे वाली चुनरी माता को चढ़ाते हैं. मां के चरणों में उसके बाद केले, सेब, नारियल, बताशे, खील और श्रृंगार का सामान अर्पित करते हैं. लाल पुष्प मां दुर्गा को चढ़ाना अत्यन्त शुभ माना जाता है. दीपक को सरलों के तेल से जलाना चाहिए, और ऊं दुं दुर्गायै नम: मेंत्र का जाप जरुर करना चाहिए.

गुप्त नवरात्रि पर उपाय

  1. दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ सुबह- शाम करें
  2. लौंग और बताशे का भोग दोनों वक्त की पूजा में लगाएं.
  3. लाल रंग का पुष्प सदैव मां दुग्रा को चढ़ाना चाहिए
  4. सुबह- शाम 108 बार मां दुर्गा के विशिष्ट मंत्र ऊं ऐं ह्वीं क्लीं चामुंडाय विच्चे का जाप करना चाहिए.
  5. आप गुप्त नवरात्रि में जो पूजा करते हैं उसके बारे में किसी को भी ना बताएं. अगर आप ऐसा करेंगे तो आपकी पूजा ज्यादा सफल मानी जाएगी.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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