Janmastami 2021: विष्णु के परमावतार भगवान श्रीकृष्ण के इन 108 नामों को जपने से पूरे होंगे सभी काम

Pallawi Kumari, Last updated: Mon, 30th Aug 2021, 2:09 PM IST
  • विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण को विभिन्न नामों से जाना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार कर्म और धर्म के आधार पर उन्हें 108 नामों से जाना जाता है.
भगवान श्रीकृष्ण के 108 नामों का जाप करने से पूरे होंगे सभी काम. फोटो साभार-लाइव हिन्दुस्तान

आज यानी 30 अगस्त को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव है. श्रीमद् भागवत में श्रीकृष्ण ने कहा है कि धरती पर जब भी अधर्म बढ़ेगा वह जन्म लेंगे. जन्माष्टमी के दिन आपको बताते हैं भगवान कृष्ण के 108 नामों के बार में.  कृष्ण अपने जीवन में कर्म से लेकर धर्म को निभाते हुए कई नामों से जाने गए. धार्मिक मान्यता के अनुसार कृष्ण को 108 नामों से जाना जाता है , जो उनकी लीला और महिमा के लिए जाने जाते हैं. भगवान श्री कृष्ण के 108 नामों का अलग-अलग अर्थ होता है. सौभाग्य, ऐश्वर्य, यश, कीर्ति, पराक्रम और अपार वैभव के लिए भगवान श्रीकृष्ण के नामों का जाप किया जाता है. भगवान के इन 108 नामों को जाप करने से भक्त के सभी काम पूरे होते हैं.

ये हैं भगवना श्री कृष्ण के 108 नाम- . कृष्ण 2. कमलनाथ 3. वासुदेव 4. सनातन 5. वसुदेवात्मज 6. पुण्य 7. लीलामानुष विग्रह 8. श्रीवत्स कौस्तुभधराय 9. यशोदावत्सल 10. हरि 11. चतुर्भुजात्त चक्रासिगदा 12. सङ्खाम्बुजा युदायुजाय 13. देवाकीनन्दन 14. श्रीशाय 15. नन्दगोप प्रियात्मज 16. यमुनावेगा संहार 17. बलभद्र प्रियनुज 18. पूतना जीवित हर 19. शकटासुर भञ्जन 20. नन्दव्रज जनानन्दिन 21. सच्चिदानन्दविग्रह 22. नवनीत विलिप्ताङ्ग 23. नवनीतनटन 24. मुचुकुन्द प्रसादक 25. षोडशस्त्री सहस्रेश 26. त्रिभङ्गी 27. मधुराकृत 28. शुकवागमृताब्दीन्दवे 29. गोविन्द 30. योगीपति 31. वत्सवाटि चराय 32. अनन्त 33. धेनुकासुरभञ्जनाय 34. तृणी-कृत-तृणावर्ताय 35. यमलार्जुन भञ्जन 36. उत्तलोत्तालभेत्रे 37. तमाल श्यामल कृता 38. गोप गोपीश्वर 39. योगी 40. कोटिसूर्य समप्रभा 41. इलापति 42. परंज्योतिष 43. यादवेंद्र 44. यदूद्वहाय 45. वनमालिने 46. पीतवससे 47. पारिजातापहारकाय 48. गोवर्थनाचलोद्धर्त्रे 49. गोपाल 50. सर्वपालकाय 51. अजाय

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 52. निरञ्जन 53. कामजनक 54. कञ्जलोचनाय 55. मधुघ्ने 56. मथुरानाथ 57. द्वारकानायक 58. बलि 59. बृन्दावनान्त सञ्चारिणे 60. तुलसीदाम भूषनाय 61. स्यमन्तकमणेर्हर्त्रे 62. नरनारयणात्मकाय 63. कुब्जा कृष्णाम्बरधराय 64. मायिने 65. परमपुरुष 66. मुष्टिकासुर चाणूर मल्लयुद्ध विशारदाय 67. संसारवैरी 68. कंसारिर 69. मुरारी 70. नाराकान्तक 71. अनादि ब्रह्मचारिक 72. कृष्णाव्यसन कर्शक 73. शिशुपालशिरश्छेत्त 74. दुर्योधनकुलान्तकृत 75. विदुराक्रूर वरद 76. विश्वरूपप्रदर्शक 77. सत्यवाचे 78. सत्य सङ्कल्प 79. सत्यभामारता 80. जयी 81. सुभद्रा पूर्वज

 82. विष्णु 83. भीष्ममुक्ति प्रदायक 84. जगद्गुरु 85. जगन्नाथ 86. वेणुनाद विशारद 87. वृषभासुर विध्वंसि 88. बाणासुर करान्तकृत 89. युधिष्ठिर प्रतिष्ठात्रे 90. बर्हिबर्हावतंसक 91. पार्थसारथी 92. अव्यक्त 93. गीतामृत महोदधी 94. कालीयफणिमाणिक्य रञ्जित श्रीपदाम्बुज 95. दामोदर 96. यज्ञभोक्त 97. दानवेन्द्र विनाशक 98. नारायण 99. परब्रह्म 100. पन्नगाशन वाहन 101. जलक्रीडा समासक्त गोपीवस्त्रापहाराक 102. पुण्य श्लोक 103. तीर्थकरा 104. वेदवेद्या 105. दयानिधि 106. सर्वभूतात्मका 107. सर्वग्रहरुपी 108. परात्पराय.

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