इस शुभ योग में महिलाएं रखेंगी कजरी तीज व्रत, जानें महत्व, पूजा विधि और मुहूर्त

Anuradha Raj, Last updated: Wed, 25th Aug 2021, 8:22 AM IST
  • कजरी तीज का व्रत इस बार 25 अगस्त यानी कि आज है. महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रख भगवान शिव और पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए पूजा करती हैं. जो महिलाएं विधि-विधान से इस व्रत को रखती हैं उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.
कजरी तीज 2021

सुहागिनें कजरी तीज का व्रत अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं. इस दिन महिलाएं शिव और पार्वती की पूजा कर चंद्रमा को देख अपने व्रत को तोड़ती हैं. इस तीज को सतूड़ी या फिर बड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है. इस बार कजरी तीज 25 अगस्त को है. ऐसे में ये किस योग में पड़ रहा है, क्या पूजा विधि है या फिर तीज का क्या महत्व है ये जानना बेहद जरूरी है. कजरी तीज हमेशा भाद्रपद के कृष्ण मास की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. 

ये है कजरी तीज 2021 का शुभ मुहूर्त

24 अगस्त को शाम 4 बजक 4 मिनट पर तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी, जो की 4 बजकर 18 मिनट तक 25 अगस्त को रहेगी.

महिलाएं इस शुभ योग में रखेंगी व्रत

25 अगस्त यानी कजरी तीज को सुबह 5 बजकर 57 मिनट तक धृति योग रहने वाला है. वैदिक ज्योतिष शास्त्र पर गौर करें तो इसे बेहद ही शुभ माना जाता है. ऐसा कहा जाता है इस योग में कोई भी कार्य करो तो सफलता जरूर मिलती है.

ये है कजरी तीज का महत्व

सुहागिनें कजरी तीज के दिन निर्जला व्रत रख अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं. धार्मक मान्यता ये है कि कुंवारी कन्याएं भी अगर इस व्रत को रखेंगी तो उत्तम होगा. ऐसा माना जाता है कि जो कन्या इस व्रत को रखती है उसे सुयोग वर मिलते हैं. इतना ही नहीं बल्कि भगवान शिव सभी समस्याओं को उनके वैवाहिक जीवन से दूर कर देते हैं.

ये है कजरी तीज की पूजा विधि-

इस दिन सुबह उठ कर महिलाओं को स्नान आदि कर लेना चाहिए. उसके बाद भगावन शिव और माता गौरी की मिट्टी की मूर्ति बनाएं. या फिर इस जगह पर बाजार से मूर्ति लाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. सुहागिनें भगवान शिव और गौरी की मूर्ती को एक चौकी पर स्थापित करें जिस पर लाल रंग का वस्त्र बिछा हुआ हो. उसके बाद विधि-विधान से पूजा करें और कथा पढ़ें. साथ ही सुहाग के 16 सामग्री को माता गौरी को अर्पित कर दें. इसके अलावा भगवान शिव को बेल पत्र, गाय का दूध, गंगा जल, धतूरा, भांग भी चढ़ाएं. 

 

 

 

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