मेरठ: मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 के 21 फीसदी मरीज गंवा चुके हैं जान

Smart News Team, Last updated: 09/12/2020 06:51 PM IST
  • मेरठ: शहर में जहां लगातार कोविड-19 के मामले बढ़ते जा रहे हैं. इसी बीच हाल ही में यह बात सामने आई है कि मेडिकल कॉलेज में प्रदेश के अन्य कोविड केंद्रों की तुलना में मौत की दर सबसे ज्यादा रही. 21 फीसद मरीजों की जान चली गई, जबकि 40 फीसद मरीजों को ऑक्सीजन पर रखना पड़ा.
मेडिकल कॉलेज में प्रदेश के अन्य कोविड केंद्रों की तुलना में मौत की दर सबसे ज्यादा रही

मेरठ: शहर में जहां लगातार कोविड-19 के मामले बढ़ते जा रहे हैं. इसी बीच हाल ही में यह बात सामने आई है कि मेडिकल कॉलेज में प्रदेश के अन्य कोविड केंद्रों की तुलना में मौत की दर सबसे ज्यादा रही. 21 फीसद मरीजों की जान चली गई, जबकि 40 फीसद मरीजों को ऑक्सीजन पर रखना पड़ा. हालांकि, गनीमत इस बात की है कि पिछले दो महीने से मौत के आंकड़ों में गिरावट आ रही है. प्रशासन लगातार मरीजों की जान बचाने के लिए बड़े कदम उठा रहा है. हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईसीयू बेड बढ़ाने के लिए कहा है, वहीं अब एनसीआर मेडिकल कॉलेज में सौ बेडों का नया कोविड वार्ड बनने जा रहा है.

मेडिकल कालेज के कोविड प्रभारी डा. सुधीर राठी ने बताया कि एक दिसंबर तक की तस्वीर शासन को भेजी गई थी, जिसमें अंतिम दो सप्ताहों में क्रमश 19 और 15 मरीजों की मौत हुई. उससे पहले हफ्तों में आंकड़ा 11 और नौ मरीजों के मरने का था. वहीं, प्राचार्य डा. ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि मेडिकल कालेज के कोविड वार्ड में अत्याधुनिक आइसीयू, वेंटीलेटर, हाई फ्लो नेजल कैनुला व अन्य उपकरण हैं. बताया कि पहले मरीजों के इलाज में देरी होती थी, जिससे उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी. लेकिन अब मरीजों को तत्काल अटेंड किया जा रहा है. जिससे मौतों की दर पर काबू लगा.

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वहीं, इस मामले में डा. धीरज बालियान ने बताया कि चार से दस नवंबर के बीच सात दिनों में 68 मरीज भर्ती थे, जबकि अगले ही सप्ताह नए मरीजों की संख्या 112 हो गई. 18-24 नवंबर में यह आंकड़ा 126 पर पहुंचा. हालांकि अब गिरावट आने लगी है. 25 नवंबर से एक दिसंबर के बीच 98 मरीजों की भर्ती हुई.

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